अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نُحْيِي الْمَوْتَىٰ: हम मुर्दों को ज़िंदा करते हैं (क़ियामत के दिन उठाएँगे)।
- مَا قَدَّمُوا: जो कुछ उन्होंने आगे भेजा (अच्छे या बुरे कर्म)।
- آثَارَهُمْ: उनके निशान और वे काम जो उन्होंने पीछे छोड़े (जैसे सदक़ा-ए-जारिया, नेक या बुरी सुन्नत)।
- أَحْصَيْنَاهُ: हमने उसे गिन लिया / पूरी तरह घेर लिया।
- إِمَامٍ مُّبِينٍ: स्पष्ट और खुले रिकॉर्ड (लौह-ए-महफ़ूज़)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी क़ुदरत और हिकमत का एक अज़ीम नमूना पेश कर रहा है। वह फ़रमाता है कि मुर्दों को ज़िंदा करना हमारे ही क़ाबू में है — यह कोई मुश्किल काम नहीं, क्योंकि हमने ही उन्हें पहली बार पैदा किया था। क़ियामत के दिन हम सबको दोबारा उठाएँगे और हर एक से उसके अमल का हिसाब लेंगे।
इसके साथ ही अल्लाह फ़रमाता है कि हम लिखते हैं वह सब कुछ जो इंसान ने अपनी ज़िंदगी में आगे भेजा — यानी उसके नेक और बुरे कर्म। और साथ ही हम उसके "آثار" (निशान) भी दर्ज करते हैं — यानी वे काम जो उसके बाद भी जारी रहते हैं। अगर उसने कोई नेक रिवाज छोड़ा, जैसे सदक़ा-ए-जारिया, नेक औलाद जो उसके लिए दुआ करे, या कोई भलाई का काम जिससे लोगों को फ़ायदा पहुँचे, तो उसका सवाब उसे मिलता रहेगा। और अगर उसने कोई बुरी सुन्नत छोड़ी, जैसे किसी गुनाह का रास्ता खोलना, तो उसका गुनाह भी उसे मिलता रहेगा — यहाँ तक कि उसके बाद आने वाले लोगों के गुनाहों का हिस्सा भी उस पर लिखा जाएगा।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "और हमने हर चीज़ को एक स्पष्ट किताब (लौह-ए-महफ़ूज़) में दर्ज कर रखा है।" यानी कोई छोटा-बड़ा अमल, कोई छिपी या खुली बात, सब कुछ अल्लाह के पास मौजूद है। कोई चीज़ उसके इल्म से बाहर नहीं, और कोई अमल बेहिसाब नहीं रहेगा।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हर इंसान के लिए एक बड़ी नसीहत और चेतावनी है। जो लोग मौत के बाद की ज़िंदगी का इनकार करते हैं, उनके लिए यह सबसे बड़ा जवाब है कि जिस अल्लाह ने पहली बार पैदा किया, वह दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। और जो लोग अपने अमलों को हल्का समझते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि हर छोटा-बड़ा काम लिखा जा रहा है — यहाँ तक कि हमारे पीछे छूटने वाले निशान भी हमारे पल्ले में जुड़ेंगे।
तो ऐ इंसान! अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ार कि तेरे पीछे नेक निशान छूटें — एक नेक बच्चा, एक सदक़ा-ए-जारिया, एक भलाई का काम जो लोगों के काम आए। क्योंकि यही वह पूँजी है जो क़ियामत के दिन तेरे काम आएगी। याद रख, तेरा रब तेरे हर अमल से वाक़िफ़ है और सब कुछ उसकी किताब में दर्ज है। इस दुनिया में जो बोओगे, आख़िरत में वही काटोगे। अल्लाह से डरो और अपने आख़िरी सफ़र के लिए ज़ाद-ए-राह (पूँजी) इकट्ठा करो — क्योंकि मौत के बाद की ज़िंदगी ही असली ज़िंदगी है, और वहाँ हर इंसान को उसके किए का बदला मिलकर रहेगा।
📜 आयत 10-14 — यासीन
अनुवाद — यासीन 12
सूरा यासीन आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम ही यक़ीनन मुर्दों को ज़िन्दा करते हैं और जो…सूरा आयत 12/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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