Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَنفِقُوا – खर्च करो, दान दो।
- مِمَّا رَزَقَكُمُ اللَّهُ – उस (धन-संपत्ति) में से जो अल्लाह ने तुम्हें दी है।
- أَنُطْعِمُ – क्या हम खिलाएँ?
- ضَلَالٍ مُّبِينٍ – स्पष्ट गुमराही, खुली भटकाव।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब इन काफ़िरों से कहा जाता है कि अल्लाह ने तुम्हें जो रोज़ी (आजीविका) दी है, उसमें से कुछ अल्लाह की राह में खर्च करो, ग़रीबों और मिस्कीनों की मदद करो, तो ये लोग घमंड और उपहास के साथ मोमिनों से कहते हैं: “क्या हम उसे खिलाएँ जिसे अल्लाह चाहता तो खुद खिला देता? अगर अल्लाह उसे खिलाना चाहता, तो वह उसे रोज़ी दे देता। हम अल्लाह की मर्ज़ी के खिलाफ कैसे जा सकते हैं?” यह कहकर वे अपनी कंजूसी और बेरहमी को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। फिर वे मोमिनों से कहते हैं: “तुम लोग तो साफ़ गुमराही में हो, क्योंकि तुम हमें ऐसी बात कह रहे हो जो अल्लाह की मर्ज़ी के खिलाफ है।”
असल में यह उनका बहाना था। वे जानते थे कि अल्लाह ने इंसान को आज़माइश के लिए माल दिया है और उसे हुक्म दिया है कि वह अपने भाई की मदद करे। अल्लाह की मर्ज़ी यही है कि इंसान अपनी कमाई में से दूसरों का हक़ अदा करे। लेकिन इन काफ़िरों ने अल्लाह की मर्ज़ी का गलत मतलब निकालकर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की। उनका यह रवैया उनके दिलों की सख्ती और ईमान की कमी को दर्शाता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने जो नेमतें हमें दी हैं, वह सिर्फ हमारे लिए नहीं हैं, बल्कि उसमें दूसरों का भी हक़ है। जब हम दान करते हैं, तो हम अल्लाह की मर्ज़ी के मुताबिक चलते हैं और उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं। कंजूसी और बहानेबाज़ी शैतान की तरफ से होती है। अल्लाह हमें फ़राख़दिली (उदारता) और दूसरों की मदद करने की तौफ़ीक़ दे। याद रखें, जो आज दूसरों की मदद करेगा, अल्लाह उसे कल अपनी रहमत से नवाज़ेगा।
📜 आयत 45-49 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 47
सूरा यासीन आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उन (कुफ्फ़ार) से कहा जाता है कि (माले…सूरा आयत 47/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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