अस-साफ्फात · 38/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
إِنَّكُمْ لَذَائِقُو الْعَذَابِ الْأَلِيمِ ۝٣٨
Innakum lazaaa`iqul `azaabil aleem
📖 हिंदी अर्थ
तुम लोग (अगर न मानोगे) तो ज़रूर दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखोगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَذَائِقُو: चखने वाले, स्वाद लेने वाले
  • الْعَذَابِ: यातना, दंड
  • الْأَلِيمِ: दर्दनाक, बहुत पीड़ादायक

व्याख्या:

ऐ मुशरिको! तुम लोगों को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि तुम अपने कुफ्र, शिर्क और रसूलों के झुठलाने की वजह से उस दर्दनाक और बहुत ही पीड़ादायक यातना का स्वाद अवश्य चखोगे। यह कोई खाली धमकी नहीं है, बल्कि अल्लाह का सच्चा वादा है जो क़यामत के दिन पूरा होकर रहेगा।

जिस प्रकार तुमने दुनिया में मीठे और कड़वे स्वाद का अनुभव किया, उसी प्रकार आख़िरत में तुम उस यातना का स्वाद चखोगे जिसकी कोई मिसाल दुनिया में नहीं। यह यातना तुम्हारे उन कर्मों का सीधा परिणाम होगी जो तुमने दुनिया में किए — अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराना, उसकी आयतों को झुठलाना और उसके पैग़म्बरों का मज़ाक उड़ाना।

लेकिन इसी के साथ यह भी याद रखो कि अल्लाह तआला बड़ा क्षमाशील और दयावान है। जब तक इंसान ज़िंदा है, उसके पास तौबा (पश्चाताप) का दरवाज़ा खुला है। जो कोई अपने कुफ्र और गुनाहों से सच्चे दिल से तौबा करके अल्लाह की ओर लौट आए, अल्लाह उसके सारे गुनाह माफ कर देता है और उसे जहन्नुम की यातना से बचाकर जन्नत की नेमतों से नवाज़ता है।

यह आयत हमारे लिए एक गंभीर चेतावनी है कि हम अपने आज के कर्मों पर ध्यान दें। जो लोग आज अल्लाह के हुक्मों को नज़रअंदाज़ करते हैं और अपनी इच्छाओं की पूजा करते हैं, वे कल उस दिन बहुत पछताएँगे जब पछतावा किसी काम नहीं आएगा। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उस दर्दनाक यातना से बचाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 36-40 — अस-साफ्फात

36وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُو آلِهَتِنَا لِشَاعِرٍ مَّجْنُونٍ
और ये लोग कहते थे कि क्या एक पागल शायर के लिए हम अपने माबूदों को छोड़ बैठें (अरे कम्बख्तों ये शायर या पागल नहीं)
37بَلْ جَاءَ بِالْحَقِّ وَصَدَّقَ الْمُرْسَلِينَ
बल्कि ये तो हक़ बात लेकर आया है और (अगले) पैग़म्बरों की तसदीक़ करता है
38إِنَّكُمْ لَذَائِقُو الْعَذَابِ الْأَلِيمِ
तुम लोग (अगर न मानोगे) तो ज़रूर दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखोगे
39وَمَا تُجْزَوْنَ إِلَّا مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
और तुम्हें तो उसके किये का बदला दिया जाएगा जो (जो दुनिया में) करते रहे
40إِلَّا عِبَادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِينَ
मगर खुदा के बरगुजीदा बन्दे
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अनुवाद — अस-साफ्फात 38

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Tuesday, August 18, 2026

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