अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُجْزَوْنَ: तुम्हें बदला दिया जाएगा।
- إِلَّا: सिवाय, केवल।
- مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ: जो कुछ तुम करते रहे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मुशरिको! आख़िरत के दिन तुम्हें उसी का बदला दिया जाएगा जो तुम दुनिया में करते रहे हो। यानी तुम्हारा किया हुआ कुछ भी रद्द नहीं होगा, न ही तुम पर कोई ज़ुल्म होगा। अल्लाह तआला ने तुम्हें जो आज़ाब की सज़ा सुनाई है, वह तुम्हारे उन्हीं आमाल (कर्मों) का नतीजा है जो तुमने दुनिया में किए — शिर्क (अल्लाह के साथ साझीदार ठहराना), नाफ़रमानी, और गुनाह। यह अल्लाह की पूरी अद्ल (न्याय) है कि वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि हर इंसान को उसकी कमाई का पूरा-पूरा हिसाब देता है।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की याद दिलाती है: यह दुनिया आख़िरत की खेती है। जो जैसा बोएगा, वैसा ही काटेगा। अगर हम आज अच्छे कर्म करेंगे, तो कल क़ियामत के दिन हमें अच्छा बदला मिलेगा; और अगर हम बुरे कर्म करेंगे, तो उसका अंजाम भी हमें भुगतना पड़ेगा। अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से हमें पहले ही आगाह कर दिया है, ताकि हम अपनी ज़िंदगी को सँवार लें और उस रास्ते पर चलें जो उसकी रज़ा (खुशी) का रास्ता है।
इस आयत में हमारे लिए एक प्यारा पैग़ाम है: अल्लाह ने हमें मुफ़्त में जन्नत का वादा नहीं किया, बल्कि हमारे अच्छे आमाल के बदले में उसे अता करने का वादा किया है। यह अल्लाह का इन्साफ़ भी है और उसकी फ़ज़ल (कृपा) भी — कि वह हमारी छोटी-सी नेकी को भी बड़ा अज्र (इनाम) देता है। तो आओ, हम अपने कर्मों को सुधारें, शिर्क और गुनाहों से बचें, और अल्लाह की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम उन लोगों में शामिल हों जिन्हें जन्नत की नेअमतें मिलेंगी।
📜 आयत 37-41 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 39
सूरा अस-साफ्फात आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हें तो उसके किये का बदला दिया जाएगा जो…सूरा आयत 39/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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