Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رُدُّوهَا: उन्हें (घोड़ों को) मेरे पास वापस लाओ।
- فَطَفِقَ: वह शुरू हो गए / लग गए।
- مَسْحًا: यहाँ इसका अर्थ है काटना या ज़बह करना (तलवार से)।
- بِالسُّوقِ وَالْأَعْنَاقِ: पिंडलियों (टांगों) और गर्दनों पर।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब सूरज डूब गया और घोड़ों की परेड समाप्त हुई, तो हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) को एहसास हुआ कि उन्होंने घोड़ों की सुंदरता और उनकी चमक-दमक में इतना समय बिता दिया कि उनका ध्यान अल्लाह की याद और उसकी इबादत से हट गया। यह कोई साधारण बात नहीं थी, बल्कि एक नबी के लिए यह एक गहरी आत्म-समीक्षा का क्षण था। उन्होंने तुरंत अपनी गलती को महसूस किया और उसे सुधारने का फैसला किया।
उन्होंने कहा: "इन घोड़ों को मेरे पास वापस लाओ!" जब घोड़ों को वापस लाया गया, तो उन्होंने अपनी तलवार से उनकी टांगों और गर्दनों को काटना शुरू कर दिया। यह एक बहुत बड़ी कुर्बानी थी, क्योंकि ये घोड़े बेशकीमती थे और उनकी सेना की ताकत का प्रतीक थे। लेकिन सुलेमान (अलैहिस्सलाम) ने यह दिखा दिया कि अल्लाह की याद और उसकी रज़ा से बढ़कर कोई चीज़ नहीं हो सकती। उन्होंने उन चीज़ों को ही खत्म कर दिया जो उन्हें अल्लाह की याद से गाफिल कर गई थीं।
यह घटना हमें एक बहुत बड़ा सबक देती है। हमें भी अपनी ज़िंदगी में देखना चाहिए कि कौन सी चीज़ें हमें अल्लाह की याद से दूर कर रही हैं। चाहे वह दौलत हो, शोहरत हो, या कोई और दुनियावी चीज़—अगर वह हमें अल्लाह से दूर करती है, तो हमें उसे छोड़ने का हौसला करना चाहिए। यह कुर्बानी भले ही दर्दनाक हो, लेकिन अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रज़ा के आगे यह कुछ भी नहीं है।
याद रखिए, यह दुनिया की चीज़ें फ़ानी हैं, लेकिन अल्लाह की याद और उसकी इबादत ही असली सुकून और कामयाबी का ज़रिया है। जब हम अल्लाह की याद को अपनी ज़िंदगी का मरकज़ बनाते हैं, तो अल्लाह हमें दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई देता है।
📜 आयत 31-35 — सूरा साद
अनुवाद — साद 33
सूरा साद आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तो बोले अच्छा) इन घोड़ों को मेरे पास वापस लाओ…सूरा आयत 33/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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