अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَاصِرَاتُ الطَّرْفِ: वे (औरतें) जो अपनी निगाहें सिर्फ़ अपने शौहरों पर रखती हैं, किसी और की तरफ़ नहीं देखतीं।
- أَتْرَابٌ: बराबर उम्र वालियाँ, एक ही उम्र की औरतें।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत की उन नेमतों का ज़िक्र कर रहे हैं जो उनके नेक बंदों के लिए तैयार की गई हैं। फ़रमाता है कि जन्नत में उन (मोमिनों) के पास ऐसी औरतें होंगी जो अपनी निगाहें सिर्फ़ अपने शौहरों पर ही रखेंगी, उनकी नज़रें किसी और की तरफ़ नहीं उठेंगी। वे पूरी तरह से अपने शौहरों के साथ वफ़ादार और मुहब्बत करने वाली होंगी। ये औरतें एक ही उम्र की होंगी, यानी सब एक जैसी उम्र में होंगी, जिससे उनमें आपसी मोहब्बत और अनुकूलता और भी बढ़ जाएगी।
यह जन्नत की एक बहुत बड़ी नेमत है कि वहाँ के रहने वालों को ऐसे साथी मिलेंगे जो सिर्फ़ उन्हीं के लिए होंगे, उनकी निगाहें किसी और की तरफ़ नहीं जाएंगी, और वे उम्र में भी एक जैसे होंगे ताकि उनके दिलों में कोई ख़ामोशी या बेचैनी न हो। यह उस पाक और पवित्र ज़िंदगी की तस्वीर है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें जन्नत की उस लज़्ज़त और ख़ुशी की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने मोमिन बंदों के लिए रखी है। जब हम जानते हैं कि जन्नत में हमारा इंतज़ार करने वाली नेमतें इतनी पाक और ख़ूबसूरत हैं, तो हमें चाहिए कि हम दुनिया की फ़ानी ख़ुशियों के पीछे अपनी आख़िरत को न भूलें। जो लोग दुनिया में अपनी निगाहों को हराम से बचाते हैं और अल्लाह के हुक्मों पर अमल करते हैं, उनके लिए जन्नत में ऐसी पाक और वफ़ादार साथी हैं जो उनकी आँखों की ठंडक और दिलों की राहत का सबब बनेंगी। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता। आइए, हम अपने अमल को सुधारें और उस जन्नत के हक़दार बनने की कोशिश करें जिसकी नेमतें कभी ख़त्म नहीं होतीं।
📜 आयत 50-54 — साद
अनुवाद — साद 52
सूरा साद आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके पहलू में नीची नज़रों वाली (शरमीली) कमसिन बीवियाँ…सूरा आयत 52/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








