Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَفَغَيْرَ اللهِ – क्या अल्लाह के अलावा किसी और को?
- تَأْمُرُونِّي – तुम मुझे आदेश देते हो?
- أَعْبُدُ – मैं इबादत करूँ?
- أَيُّهَا الْجَاهِلُونَ – ऐ अज्ञानियों!
तफसीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए जो आपको अपने बुतों की इबादत की तरफ बुला रहे हैं: “क्या तुम मुझे अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करने का हुक्म देते हो? ऐ अज्ञानियों! क्या तुम नहीं जानते कि इबादत के लायक सिर्फ और सिर्फ अल्लाह ही है? वही सबका रब है, वही रिज़्क़ देने वाला है, वही जीवन और मौत का मालिक है। उसके सिवा कोई माबूद नहीं, कोई पूजा का हकदार नहीं।”
यह आयत उस वक़्त नाज़िल हुई जब कुछ काफिरों ने नबी ﷺ से कहा कि आप हमारे देवताओं की इबादत कर लीजिए, तो हम आपके साथ मिलकर आपके रब की इबादत करेंगे। अल्लाह ने अपने नबी को सिखाया कि वह उन्हें जवाब दें: “क्या तुम मुझे अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत का हुक्म देते हो? यह कितनी बड़ी जहालत है!”
इस आयत में नबी ﷺ के लिए एक बड़ी तसल्ली और हिम्मत है, और हर मुसलमान के लिए एक सबक़ है कि हमें किसी भी हालत में सिर्फ अल्लाह ही की इबादत करनी है। चाहे दुनिया के लोग कितना ही दबाव डालें, कितनी ही कोशिशें करें, हमें उनकी बातों में नहीं आना है। अल्लाह की इबादत से बढ़कर कोई इज़्ज़त और शान नहीं है। जो लोग अल्लाह के सिवा दूसरों की इबादत करते हैं, वह सिर्फ अपनी जहालत की वजह से ऐसा करते हैं, क्योंकि अगर वह थोड़ी सी भी अक्ल से काम लेते तो समझ जाते कि जो खुद मोहताज है, वह किसी की इबादत का हकदार कैसे हो सकता है?
याद रखिए! अल्लाह की इबादत ही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है, और यही वह चीज़ है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब बनाती है। जो लोग इस हक़ीक़त को समझ गए, वही सच्चे इंसान हैं, और जो नहीं समझे, वही असली जाहिल हैं।
📜 आयत 62-66 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 64
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि नादानों भला तुम मुझसे…सूरा आयत 64/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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