अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَقَالِيدُ: चाबियाँ, कुंजियाँ (ख़ज़ानों की)।
- السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ: आसमानों और ज़मीन (के ख़ज़ाने)।
- الْخَاسِرُونَ: नुक़सान उठाने वाले, घाटे में रहने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ही के पास आसमानों और ज़मीन के सारे ख़ज़ानों की चाबियाँ हैं। वही चाहता है तो बारिश भेजता है, वही चाहता है तो ज़मीन से नबातात (वनस्पतियाँ) उगाता है, वही चाहता है तो रिज़्क़ (रोज़ी) कुशादा (खोल) करता है और वही चाहता है तो तंग करता है। उसकी कुदरत (शक्ति) और मालिकियत (स्वामित्व) में कोई शरीक (साझीदार) नहीं। यह सारी कुंजियाँ सिर्फ़ उसी के हाथ में हैं, और वह अपने बंदों को जितना चाहता है, अपनी रहमत से अता (प्रदान) करता है।
और जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों (निशानियों) और उसके स्पष्ट प्रमाणों को झुठलाया और उन पर ईमान नहीं लाए, वही लोग सच्चे नुक़सान उठाने वाले हैं। उनका यह नुक़सान दुनिया में भी है कि उन्हें ईमान की नेमत (दौलत) से महरूम (वंचित) रखा गया, और आख़िरत (परलोक) में भी यह नुक़सान और भी बड़ा होगा, जब वे हमेशा के लिए जहन्नम (नरक) की आग में झोंक दिए जाएँगे।
दावती पहलू (प्रेरक पक्ष):
यह आयत हमें सिखाती है कि सारी कुदरत और सारे इख़्तियारात (अधिकार) सिर्फ़ अल्लाह के हाथ में हैं। जब हम यह समझ लें कि रिज़्क़, बारिश, नबातात, ज़िंदगी और मौत — सब कुछ उसी के इख़्तियार में है, तो हमारा दिल सिर्फ़ उसी से जुड़ जाता है। हमें किसी इंसान से नहीं, बल्कि सीधे अल्लाह से माँगना चाहिए, क्योंकि असली ख़ज़ानों की चाबियाँ उसी के पास हैं। यही ईमान की मिठास है कि बंदा हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखे और उसकी आयतों पर दिल से यक़ीन करे। जो लोग इन आयतों से मुँह मोड़ते हैं, वह खुद अपने नुक़सान का सामान करते हैं। अल्लाह तआला हम सबको ईमान की दौलत से नवाज़े और हमें उन ख़ास बंदों में शामिल करे जो उसकी आयतों पर दिल से ईमान लाते हैं। आमीन।
📜 आयत 61-65 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 63
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सारे आसमान व ज़मीन की कुन्जियाँ उसके पास है और…सूरा आयत 63/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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