अन-निसा · 149/176
अनुवाद उच्चारण — अन-निसा
إِن تُبْدُوا خَيْرًا أَوْ تُخْفُوهُ أَوْ تَعْفُوا عَن سُوءٍ فَإِنَّ اللَّهَ كَانَ عَفُوًّا قَدِيرًا ۝١٤٩
in tubdoo khairann aw tukhfoohu aw ta`foo `an sooo`in fa innal laaha kaana `afuwwan Qadeeraa
📖 हिंदी अर्थ
अगर खुल्लम खुल्ला नेकी करते हो या छिपा कर या किसी की बुराई से दरगुज़र करते हो तो तो ख़ुदा भी बड़ा दरगुज़र करने वाला (और) क़ादिर है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تُبْدُوا: प्रकट करना, ज़ाहिर करना
  • خَيْرًا: भलाई, अच्छा काम
  • تُخْفُوهُ: उसे छिपाना, गुप्त रखना
  • تَعْفُوا: क्षमा करना, दरगुज़र करना
  • سُوءٍ: बुराई, किसी की तरफ से पहुँची हुई तकलीफ़ या ज़ुल्म
  • عَفُوًّا: बहुत क्षमा करने वाला
  • قَدِيرًا: पूर्ण शक्ति वाला

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को नेकी और भलाई के कामों की तरफ रहनुमाई करते हैं और उन्हें सिखाते हैं कि भलाई को चाहे तुम ज़ाहिर करो या छिपाकर करो, दोनों ही सूरतों में वह अल्लाह के यहाँ क़बूल है। अल्लाह तआला उस भलाई को देखता और जानता है, चाहे वह ज़ाहिर हो या पोशीदा। इसी तरह जब कोई व्यक्ति तुम्हारे साथ बुराई करे या तुम्हें तकलीफ़ पहुँचाए, तो तुम्हारे पास दो रास्ते हैं: या तो तुम उससे बदला लो (जो कि जायज़ है), या फिर उसे माफ़ कर दो और दरगुज़र करो। अल्लाह तआला ने यहाँ माफ़ी और दरगुज़र को बेहतर बताया है और इसी की तरफ रहनुमाई की है।

अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि जब तुम भलाई ज़ाहिर करते हो या उसे छिपाते हो, या फिर किसी की बुराई को माफ़ कर देते हो, तो याद रखो कि अल्लाह तआला ख़ुद "अफ़ुव्वुन क़दीर" है — यानी वह बहुत क्षमा करने वाला है और पूर्ण शक्ति रखता है। वह अपने बंदों के गुनाहों को माफ़ करता है, जबकि उसे उन्हें पकड़ने की पूरी ताक़त हासिल है। वह चाहे तो सज़ा दे, लेकिन अपनी रहमत और करम से माफ़ कर देता है।

इस आयत में अल्लाह तआला हमें सिखा रहे हैं कि जिस तरह अल्लाह अपने बंदों के साथ माफ़ी और दरगुज़र का मामला करता है, उसी तरह हमें भी अपने भाइयों के साथ माफ़ी और दरगुज़र का मामला करना चाहिए। यही अख़लाक़ (शिष्टाचार) की बुलंदी है और यही इस्लाम की तालीम है। जो व्यक्ति माफ़ करता है, अल्लाह उसे बेहतर बदला देता है और उसके दर्जे बुलंद करता है।

याद रखिए, माफ़ी कमज़ोरी की निशानी नहीं है, बल्कि यह दिल की सच्ची ताक़त और अल्लाह की रज़ा का ज़रिया है। अल्लाह तआला अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें माफ़ी और दरगुज़र की तालीम देता है, ताकि उनके दिल साफ़ रहें और समाज में मुहब्बत और भाईचारा क़ायम रहे। जब हम माफ़ करते हैं, तो हम अल्लाह के करीब होते हैं और उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं।

🎧 सुनें

📜 आयत 147-151 — अन-निसा

147مَّا يَفْعَلُ اللَّهُ بِعَذَابِكُمْ إِن شَكَرْتُمْ وَآمَنتُمْ ۚ وَكَانَ اللَّهُ شَاكِرًا عَلِيمًا
अगर तुमने ख़ुदा का शुक्र किया और उसपर ईमान लाए तो ख़ुदा तुम पर अज़ाब करके क्या करेगा बल्कि ख़ुदा तो (ख़ुद शुक्र करने वालों का) क़दरदॉ और वाक़िफ़कार है
148۞ لَّا يُحِبُّ اللَّهُ الْجَهْرَ بِالسُّوءِ مِنَ الْقَوْلِ إِلَّا مَن ظُلِمَ ۚ وَكَانَ اللَّهُ سَمِيعًا عَلِيمًا
ख़ुदा (किसी को) हॉक पुकार कर बुरा कहने को पसन्द नहीं करता मगर मज़लूम (ज़ालिम की बुराई बयान कर सकता है) और ख़ुदा तो (सबकी) सुनता है (और हर एक को) जानता है
149إِن تُبْدُوا خَيْرًا أَوْ تُخْفُوهُ أَوْ تَعْفُوا عَن سُوءٍ فَإِنَّ اللَّهَ كَانَ عَفُوًّا قَدِيرًا
अगर खुल्लम खुल्ला नेकी करते हो या छिपा कर या किसी की बुराई से दरगुज़र करते हो तो तो ख़ुदा भी बड़ा दरगुज़र करने वाला (और) क़ादिर है
150إِنَّ الَّذِينَ يَكْفُرُونَ بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ وَيُرِيدُونَ أَن يُفَرِّقُوا بَيْنَ اللَّهِ وَرُسُلِهِ وَيَقُولُونَ نُؤْمِنُ بِبَعْضٍ وَنَكْفُرُ بِبَعْضٍ وَيُرِيدُونَ أَن يَتَّخِذُوا بَيْنَ ذَٰلِكَ سَبِيلًا
बेशक जो लोग ख़ुदा और उसके रसूलों से इन्कार करते हैं और ख़ुदा और उसके रसूलों में तफ़रक़ा डालना चाहते हैं और कहते हैं कि हम बाज़ (पैग़म्बरों) पर ईमान लाए हैं और बाज़ का इन्कार करते हैं और चाहते हैं कि इस (कुफ़्र व ईमान) के दरमियान एक दूसरी राह निकलें
151أُولَٰئِكَ هُمُ الْكَافِرُونَ حَقًّا ۚ وَأَعْتَدْنَا لِلْكَافِرِينَ عَذَابًا مُّهِينًا
यही लोग हक़ीक़तन काफ़िर हैं और हमने काफ़िरों के वास्ते ज़िल्लत देने वाला अज़ाब तैयार कर रखा है
अन-निसाकुरान सूची
176आयत
मदनीRevelation
149आयत

अनुवाद — अन-निसा 149

सूरा अन-निसा आयत 149 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर खुल्लम खुल्ला नेकी करते हो या छिपा कर या…

सूरा आयत 149/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 147–151. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए