Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَادْعُوا – पुकारो, प्रार्थना करो, इबादत करो।
- مُخْلِصِينَ – ख़ालिस नीयत के साथ, केवल अल्लाह के लिए।
- الدِّينَ – इबादत, आज्ञाकारिता, और भक्ति।
- وَلَوْ كَرِهَ – चाहे वे नापसंद करें, चाहे उन्हें बुरा लगे।
- الْكَافِرُونَ – जो अल्लाह की वहदानियत (एकता) और सच्चे धर्म को नहीं मानते।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! तुम अल्लाह ही को पुकारो, उसी से मदद मांगो, और अपनी इबादत, अपनी दुआएं, अपनी नमाज़, अपनी क़ुर्बानी — सब कुछ सिर्फ़ अल्लाह के लिए बनाओ। उसमें किसी को शरीक (साझी) न बनाओ। तुम्हारा दिल, तुम्हारी ज़ुबान, तुम्हारे अमल — सब कुछ ख़ालिस अल्लाह के लिए हो। यही तो सच्चा दीन है — यही तो वह सीधा रास्ता है जिस पर चलकर इंसान दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होता है।
और याद रखो — जब तुम अल्लाह के लिए अपने दीन को ख़ालिस करोगे, तो काफ़िर लोग नाराज़ होंगे, वे तुमसे नफ़रत करेंगे, वे तुम्हारे रास्ते में रुकावटें डालेंगे। लेकिन तुम उनकी परवाह मत करो। उनकी नाराज़गी तुम्हारे लिए कोई अहमियत नहीं रखती। तुम्हारा काम अल्लाह को राज़ी करना है, न कि लोगों को खुश करना। अल्लाह की रज़ा (खुशी) ही तुम्हारा असली मक़सद होनी चाहिए।
यह आयत हमें सिखाती है कि इख़लास (ख़ालिस नीयत) ही इबादत की रूह है। बिना इख़लास के अमल बेकार है, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो। और जब इंसान अपने अमल को ख़ालिस अल्लाह के लिए करता है, तो अल्लाह उसे ताक़त देता है, उसके दिल को सुकून देता है, और उसे दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त अता करता है।
तो ऐ मुसलमान! तू अपने दीन को अल्लाह के लिए ख़ालिस कर, अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्म के मुताबिक़ बना, और काफ़िरों की नाराज़गी की परवाह न कर। क्योंकि अल्लाह ही तेरा रब है, अल्लाह ही तेरा मालिक है, और अल्लाह ही तेरी मदद करने वाला है। जब अल्लाह तेरे साथ हो, तो कौन तेरा कुछ बिगाड़ सकता है?
याद रखो — यही वह रास्ता है जिस पर चलकर अंबिया (नबी) गुज़रे हैं, यही वह रास्ता है जो जन्नत तक पहुँचाता है। दुनिया की ख्वाहिशों और लोगों की राय को अपने दीन पर हावी मत होने दो। अल्लाह से जुड़े रहो, उसी पर भरोसा रखो, और उसी की इबादत को अपनी ज़िंदगी का निशाना बनाओ। यही तो कामयाबी है — यही तो सच्ची फलाह है।
📜 आयत 12-16 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 14
सूरा ग़ाफिर आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस तुम लोग ख़ुदा की इबादत को ख़ालिस करके उसी…सूरा आयत 14/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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