अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- रफ़ीउद्दरजात: ऊँचे दर्जों वाला, सर्वोच्च पदों वाला।
- ज़ुल-अर्श: अर्श (सिंहासन) का स्वामी।
- युल्क़िर्रूह: रूह (वही/प्रकाशना) को डालता है, अर्थात उतारता है।
- यौमुत-तलाक़: मिलने का दिन, यानी क़ियामत का दिन।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी इन आयात में अपनी महानता और रहमत का वर्णन कर रहा है। वह रफ़ीउद्दरजात है, यानी उसके दर्जे इतने ऊँचे हैं कि उसकी कोई मिसाल नहीं, वह अपनी मख़लूक़ात (सृष्टि) से बिल्कुल अलग और बरतर है। वही अर्श का मालिक है, जो सबसे बड़ा सिंहासन है और उसकी अज़मत का प्रतीक है।
उसकी सबसे बड़ी रहमत यह है कि वह अपने बंदों में से जिसे चाहता है, उस पर रूह (वही) उतारता है। इस वही को 'रूह' (आत्मा) इसलिए कहा गया कि जिस तरह शरीर को आत्मा से ज़िंदगी मिलती है, उसी तरह दिलों को वही से ज़िंदगी मिलती है। यह वही नबियों और रसूलों पर उतारी जाती है, ताकि वे लोगों को सीधा रास्ता दिखाएँ और उन्हें यौमुत-तलाक़ (क़ियामत के दिन) से डराएँ।
उस दिन सभी पहले और आख़िरी लोग, ज़मीन और आसमान के सारे इंसान, फ़रिश्ते और जिन्नात — सब एक जगह इकट्ठा होंगे। यह मिलने का दिन होगा, जहाँ हर कोई अपने किए का हिसाब देगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी रहमत पर ग़ौर करने की दावत देती है। अल्लाह ने अपनी रहमत से हमें अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि अपने नबियों के ज़रिए हिदायत भेजी, ताकि हम उस दिन की घबराहट से बच सकें। यह हमारे लिए कितनी बड़ी नेमत है कि हमारे पास क़ुरआन और सुन्नत है, जो हमें उस दिन की तैयारी का रास्ता दिखाती है। आओ, हम इस नेमत का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, ताकि उस दिन हमारी मुलाक़ात अपने रब से रहमत और मग़फ़िरत के साथ हो।
📜 आयत 13-17 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 15
सूरा ग़ाफिर आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा तो बड़ा आली मरतबा अर्श का मालिक है, वह…सूरा आयत 15/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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