अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَزَنَةِ جَهَنَّمَ: जहन्नम के दरोगा (पहरेदार)।
- يُخَفِّفْ: हल्का कर दे।
- يَوْمًا: एक दिन (थोड़ी सी अवधि)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह तआला ने जहन्नम के अज़ाब का फ़ैसला सुना दिया और काफ़िरों को यक़ीन हो गया कि अब कोई राह-ए-फ़रार नहीं, न दुनिया में लौटना है और न तौबा का मौक़ा मिलेगा, तो उन पर अज़ाब की शिद्दत इस क़दर छा गई कि वे अपनी बेबसी और मजबूरी का इज़हार करते हुए जहन्नम के फ़रिश्तों (दरोगाओं) से गिड़गिड़ाकर कहने लगे: "तुम हमारी तरफ़ से अपने रब से दुआ करो कि वह हमारा अज़ाब एक दिन के लिए ही सही, हल्का कर दे।" यानी वे इतनी बड़ी मोहलत भी नहीं माँग रहे कि अज़ाब पूरी तरह ख़त्म हो जाए, बल्कि सिर्फ़ एक दिन की कमी चाहते हैं ताकि उन्हें थोड़ी सी राहत मिल सके।
यह आयत उस हालत का मंज़र दिखाती है जब अहले-दोज़ख़ अपने पीर-ओ-मुर्शिद, बड़ों और सरदारों के साथ मिलकर — चाहे वे मुस्तकबिर (बड़े) हों या कमज़ोर पैरोकार — सब एक साथ जहन्नम के फ़रिश्तों से यही दरख़्वास्त करेंगे। लेकिन यह दरख़्वास्त उनकी नादानी और पछतावे की दलील है, क्योंकि दुनिया में उन्हें हज़ारों मौक़े दिए गए थे, रसूल भेजे गए, किताबें उतारी गईं, लेकिन उन्होंने सुनने से इनकार किया। अब वहाँ उनकी फ़रियाद का कोई जवाब नहीं, बल्कि अज़ाब और बढ़ जाता है।
यह आयत हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में रहते हुए तौबा और इस्तिग़फ़ार का दरवाज़ा खुला रखा है। हमें चाहिए कि इस मौक़े को ग़नीमत समझें, अपने गुनाहों से तौबा करें, नेक अमल करें और अल्लाह की रहमत से मायूस न हों। क़ुरआन हमें आगाह करता है कि आज की एक रात की इबादत, एक सजदा, एक दुआ — क़यामत के दिन हमारे लिए कितनी बड़ी नजात का ज़रिया बन सकती है। अल्लाह हमें जहन्नम के अज़ाब से बचाए और अपनी जन्नत का मेहमान बनाए। आमीन।
📜 आयत 47-51 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 49
सूरा ग़ाफिर आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग आग में (जल रहे) होंगे जहन्नुम के…सूरा आयत 49/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








