अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَفْرَحُونَ: खुश होना, प्रसन्नता मनाना
- تَمْرَحُونَ: इतराना, अकड़ना, खूब खुशियाँ मनाना, बेहद प्रसन्न होना
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फरमाते हैं कि उस दिन अहले जहन्नम से कहा जाएगा: "यह अज़ाब जो अब तुम्हें मिल रहा है, यह उसका ही बदला है जो तुम दुनिया में किया करते थे।"
दरअसल, यह सज़ा उन लोगों के लिए है जो दुनिया की ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत से ग़ाफ़िल रहे और अपने गुनाहों पर खुशियाँ मनाते रहे। वे जब कोई गुनाह करते थे तो उस पर इतराते थे, उसे बड़ी शान समझते थे और उस पर फ़ख़्र करते थे। उनका यह फ़रह (खुशी) नाजायज़ था, क्योंकि वह शिर्क, तुग़यान (सरकशी) और अल्लाह के बंदों पर ज़ुल्म पर आधारित था।
वे दुनिया में जब किसी बुरे काम में कामयाब होते थे तो खुश होते थे, और जब अपनी मनमानी करते थे तो उस पर इतराते और अकड़ते थे। उन्हें यह अहसास ही नहीं था कि यह सब अल्लाह की नाराज़गी का सबब है। वे सोचते थे कि उनकी यह खुशियाँ और यह ऐश-ओ-आराम उनकी काबिलियत की वजह से है, जबकि हक़ीक़त में यह उनके लिए अज़ाब का ज़रिया बन रहा था।
नसीहत और दावत का पहलू:
यह आयत हम सबके लिए एक बहुत बड़ी सबक़ है। इंसान को चाहिए कि वह अपनी खुशियों में अल्लाह की रज़ा का ख़याल रखे। खुशी अगर अल्लाह की इबादत और नेक कामों पर हो तो वह बरकत वाली है, लेकिन जो खुशी गुनाह और नाफ़रमानी पर हो, वही इंसान को जहन्नम तक ले जाती है।
आज दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपनी नाजायज़ कमाई, रिश्वत, धोखाधड़ी और ज़ुल्म पर खुश होते हैं और उसे अपनी कामयाबी समझते हैं। वे भूल जाते हैं कि यही खुशियाँ क़यामत के दिन उनके लिए पछतावे और अज़ाब का सबब बनेंगी।
अल्लाह तआला हमें सच्ची खुशी अता फरमाए — वह खुशी जो उसकी रज़ा में हो, उसके दीन की खिदमत में हो और उसके बंदों के साथ भलाई में हो। आमीन।
📜 आयत 73-77 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 75
सूरा ग़ाफिर आयत 75 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (कि कुछ समझ में न आएगा) ये उसकी सज़ा है…सूरा आयत 75/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 73–77. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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