अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ضَلُّوا عَنَّا: हमसे ग़ायब हो गए, हमें छोड़कर चले गए।
- لَمْ نَكُن نَّدْعُو مِن قَبْلُ شَيْئًا: हम पहले किसी चीज़ की ही पूजा नहीं करते थे (अर्थात् अब हमें यक़ीन हो गया कि ये सब कुछ भी नहीं थे)।
- يُضِلُّ اللهُ الْكَافِرِينَ: अल्लाह काफ़िरों को (सत्य से) भटका देता है।
तफ़सीर:
जब क़यामत के दिन काफ़िरों को जहन्नम की आग में डाला जाएगा और उनसे पूछा जाएगा: "कहाँ हैं वे माबूद जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते थे? क्या वे आज तुम्हारी मदद कर सकते हैं? उन्हें पुकारो, अगर वे तुम्हें इस अज़ाब से बचा सकते हैं!" — तो उस वक़्त उनका कोई सहारा न होगा, कोई मददगार न होगा। वे माबूद, जिन्हें वे दुनिया में पुकारते थे, उनसे ग़ायब हो जाएँगे और उनकी कोई हक़ीक़त सामने न आएगी।
तब वे कहेंगे: "वे हमसे ग़ायब हो गए, हम उन्हें देख नहीं सकते, और न ही वे हमारी कोई मदद कर सकते हैं।" फिर वे अपनी ग़लती का इज़हार करते हुए कहेंगे: "असल में हम पहले किसी चीज़ की ही पूजा नहीं करते थे — यानी हमारी पूजा बिल्कुल बेकार और बातिल थी, हमने कुछ भी हासिल नहीं किया, बल्कि हम ख़ुद को धोखे में रखे हुए थे।"
यह अल्लाह का क़ानून है — जिस तरह उसने इन काफ़िरों को गुमराह किया और उनके माबूदों को उनसे ग़ायब कर दिया, उसी तरह वह हर ज़माने और हर मुक़ाम पर उन लोगों को सत्य से भटका देता है जो उस पर ईमान नहीं लाते और उसकी आयतों को झुठलाते हैं। यह उनका अपना किया हुआ है — उन्होंने हक़ को छोड़ा, तो अल्लाह ने उन्हें उनकी हालत पर छोड़ दिया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया में जिन चीज़ों को हम अपना सहारा बनाते हैं — चाहे वे माल हों, औलाद हों, रुतबा हो या कोई और चीज़ — वे क़यामत के दिन हमारे किसी काम न आएँगी। सिर्फ़ अल्लाह ही है जो उस दिन बचाने वाला है। इसलिए हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा पर क़ायम करें, क्योंकि जो लोग अल्लाह को छोड़कर दूसरों पर भरोसा करते हैं, वे आख़िरत में सिर्फ़ पछतावे के सिवा कुछ हासिल नहीं करेंगे। अल्लाह तआला अपने बंदों को सीधा रास्ता दिखाना चाहता है, और जो लोग हिदायत की तरफ़ कदम बढ़ाते हैं, अल्लाह उन्हें और भी हिदायत देता है और उनके दिलों को सुकून अता करता है।
📜 आयत 72-76 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 74
सूरा ग़ाफिर आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (इस वक्त) क़हाँ हैं वह कहेंगे अब तो वह हमसे…सूरा आयत 74/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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