अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- सुक़ुफ़न (سُقُفًا): छतें
- मआरिज (مَعَارِجَ): सीढ़ियाँ, जिन पर चढ़कर ऊपर जाते हैं
- यज़्हरून (يَظْهَرُونَ): वे ऊपर चढ़ते हैं / प्रकट होते हैं
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि दुनिया की दौलत और ऐशो-आराम का अल्लाह के यहाँ कोई मूल्य नहीं है। अगर यह डर न होता कि सारे लोग कुफ्र पर इकट्ठे हो जाएँगे और दुनिया की इस चमक-दमक को देखकर काफ़िरों के पीछे हो लेंगे, तो अल्लाह तआला काफ़िरों को दुनिया की इतनी नेअमतें देता कि उनके घरों की छतें चाँदी की होतीं और उनके लिए चाँदी की सीढ़ियाँ होतीं जिन पर वे चढ़ते-उतरते।
यह बात बताती है कि दुनिया की दौलत अल्लाह की नज़र में कोई चीज़ नहीं है। अल्लाह तआला चाहे तो काफ़िरों को भी ये सब कुछ दे सकता है, लेकिन उसने यह इसलिए नहीं दिया कि लोग दुनिया को ही सब कुछ न समझ लें और कुफ्र की तरफ आकर्षित न हो जाएँ। असल में अल्लाह तआला ने दुनिया की दौलत को आख़िरत की भलाई से कहीं कम दर्जा दिया है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि दुनिया का माल-ओ-दौलत, सोना-चाँदी और ऐशो-आराम के साधन किसी इंसान की असली क़द्र-ओ-मंज़िलत का पैमाना नहीं हैं। अल्लाह तआला जिसे चाहता है दुनिया देता है और जिसे चाहता है नहीं देता। असली कामयाबी तो अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फिरत है। मोमिन को चाहिए कि वह दुनिया की चमक-दमक से धोखा न खाए और न ही काफ़िरों की फ़राग़त (सुख-समृद्धि) को देखकर अपने ईमान में कमज़ोरी लाए। अल्लाह तआला ने मोमिनों के लिए जो कुछ आख़िरत में रखा है, वह दुनिया की हर चीज़ से बेहतर और पाएदार है।
याद रखिए! अल्लाह तआला अपने बंदों पर बड़ा मेहरबान है। वह दुनिया की आज़माइश में जो कुछ भी देता है, उसमें हिकमत होती है। कभी वह किसी को दौलत देकर आज़माता है और कभी किसी को फ़क़ीरी (गरीबी) देकर। हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करें और उसकी रहमत के तलबगार रहें। दुनिया की ज़िंदगी तो चंद रोज़ की है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है। जो इंसान आख़िरत को सामने रखकर ज़िंदगी गुज़ारता है, वही असल में कामयाब है।
📜 आयत 31-35 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 33
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर ये बात न होती कि (आख़िर) सब लोग…सूरा आयत 33/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








