अज़-ज़ुखरुफ · 4/89
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ुखरुफ
وَإِنَّهُ فِي أُمِّ الْكِتَابِ لَدَيْنَا لَعَلِيٌّ حَكِيمٌ ۝٤
Wa innahoo feee Ummil Kitaabi Ladainaa la`aliyyun hakeem
📖 हिंदी अर्थ
और बेशक ये (क़ुरान) असली किताब (लौह महफूज़) में (भी जो) मेरे पास है लिखी हुई है (और) यक़ीनन बड़े रूतबे की (और) पुरअज़ हिकमत है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • उम्मुल किताब (أُمِّ الْكِتَابِ): लौह-ए-महफूज़, जो अल्लाह के पास सभी किताबों की मूल और असल है।
  • लदैना (لَدَيْنَا): हमारे पास, अल्लाह की ओर से।
  • अली (عَلِيٌّ): बुलंद, ऊँचा, बड़ी शान वाला।
  • हकीम (حَكِيمٌ): हिकमत वाला, हर बात में गहरी समझ और सही फैसले वाला।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उस पवित्र कुरआन की अज़ीमुश्शान (महान) स्थिति को बयान करती है जो हमारे प्यारे नबी ﷺ पर उतारा गया। अल्लाह तआला फरमाता है कि यह कुरआन "उम्मुल किताब" यानी लौह-ए-महफूज़ में दर्ज है, जो अल्लाह के पास है। यह कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि ऐसी किताब है जो बुलंदी और ऊँचाई वाली है — उसकी शान सबसे ऊपर है, उसका दर्जा सबसे महान है। वह "हकीम" है, यानी हर आयत, हर हुक्म, हर क़िस्से में गहरी हिकमत और बेहतरीन मक़सद छिपा है। उसमें कोई कमी नहीं, कोई टकराव नहीं, कोई विरोधाभास नहीं — सब कुछ अल्लाह की हिकमत से भरा हुआ है।

यह बात हमारे दिलों को सुकून देती है कि जो कुरआन हम पढ़ते हैं, वह अल्लाह के पास लौह-ए-महफूज़ में महफ़ूज़ (सुरक्षित) है। यह किताब इंसानों की बनाई हुई नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ से उतारी गई है। इसीलिए इसकी हर बात सच है, हर हुक्म अदल (न्याय) पर है, और हर नसीहत इंसान की भलाई के लिए है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! सोचिए — जिस किताब को अल्लाह ने अपने पास ऊँचा दर्जा दिया, उसे हमारे लिए नीचे उतारा ताकि हम सीधी राह पाएँ। यह किताब हमारी ज़िंदगी का नक्शा है। अगर हम इसे पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें, तो हमें दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में कामयाबी मिलेगी। यह कुरआन हमारे लिए रहमत है, शिफ़ा है, और रोशनी है। जो इसे थामेगा, वह कभी गुमराह नहीं होगा। अल्लाह हम सबको कुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसे अपनी ज़िंदगी में उतारने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — अज़-ज़ुखरुफ

2وَالْكِتَابِ الْمُبِينِ
रौशन किताब (क़ुरान) की क़सम
3إِنَّا جَعَلْنَاهُ قُرْآنًا عَرَبِيًّا لَّعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ
हमने इस किताब को अरबी ज़बान कुरान ज़रूर बनाया है ताकि तुम समझो
4وَإِنَّهُ فِي أُمِّ الْكِتَابِ لَدَيْنَا لَعَلِيٌّ حَكِيمٌ
और बेशक ये (क़ुरान) असली किताब (लौह महफूज़) में (भी जो) मेरे पास है लिखी हुई है (और) यक़ीनन बड़े रूतबे की (और) पुरअज़ हिकमत है
5أَفَنَضْرِبُ عَنكُمُ الذِّكْرَ صَفْحًا أَن كُنتُمْ قَوْمًا مُّسْرِفِينَ
भला इस वजह से कि तुम ज्यादती करने वाले लोग हो हम तुमको नसीहत करने से मुँह मोड़ेंगे (हरगिज़ नहीं)
6وَكَمْ أَرْسَلْنَا مِن نَّبِيٍّ فِي الْأَوَّلِينَ
और हमने अगले लोगों को बहुत से पैग़म्बर भेजे थे
अज़-ज़ुखरुफकुरान सूची
89आयत
मक्कीRevelation
4आयत

अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 4

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पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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