अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّمّ (बहरे): वे लोग जो सत्य की आवाज़ सुनकर भी उसे स्वीकार नहीं करते।
- الْعُمْيَ (अंधे): वे लोग जिनके दिल की आँखें बंद हो गई हैं और वे सत्य के प्रमाणों को देखकर भी उन्हें नहीं पहचानते।
- ضَلَالٍ مُّبِينٍ (स्पष्ट पथभ्रष्टता): वह गुमराही जो बिल्कुल साफ़ और प्रत्यक्ष हो, जिसमें कोई संदेह न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या आप उन लोगों को सुना सकते हैं जो बहरे हैं? या क्या आप उन अंधों को रास्ता दिखा सकते हैं जिनकी आँखें काम नहीं करतीं? और क्या आप उन्हें हिदायत दे सकते हैं जो खुली हुई गुमराही में पड़े हुए हैं? यह आपके बस की बात नहीं है। ये लोग अपने कर्मों के कारण ऐसे हो गए हैं जैसे सुनने और देखने की शक्ति ही खो बैठे हों। सत्य की आवाज़ उनके कानों तक पहुँचती है, लेकिन वे उसे दिल से सुनने से इनकार करते हैं। चमत्कार और प्रमाण उनके सामने आते हैं, लेकिन वे उनसे सबक नहीं लेते।
यह आपका काम नहीं है कि आप उन्हें हिदायत दें, क्योंकि हिदायत देना केवल अल्लाह के हाथ में है। आपका काम केवल संदेश पहुँचाना है। अल्लाह ही चाहता है तो किसी को हिदायत देता है और चाहता है तो किसी को गुमराही में छोड़ देता है। यह उसकी इच्छा और उसके न्याय पर निर्भर है। जिस पर अज़ाब की बात साबित हो चुकी है, उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारा काम केवल अल्लाह का संदेश पहुँचाना है, लोगों को हिदायत देना हमारे हाथ में नहीं। इसलिए हमें निराश नहीं होना चाहिए अगर लोग हमारी बात न मानें। हमें अपना कर्तव्य निभाते रहना चाहिए और अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही, यह आयत हमें यह भी बताती है कि जब तक हमारा दिल खुला है, हमारी आँखें और कान सत्य के लिए काम कर रहे हैं, यह अल्लाह की बड़ी रहमत है। हमें इस नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए और अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि वह हमें सत्य पर स्थिर रखे और हमारे दिलों को अपनी हिदायत से रोशन करे। क्योंकि जिसे अल्लाह हिदायत दे, उसे कोई गुमराह नहीं कर सकता, और जिसे वह गुमराह करे, उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता।
📜 आयत 38-42 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 40
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) क्या तुम बहरों को सुना सकते हो…सूरा आयत 40/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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