अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَإِمَّا نَذْهَبَنَّ بِكَ: अगर हम तुम्हें (ऐ रसूल) उठा लें, यानी तुम्हारी मृत्यु पहले आ जाए।
- مُّنتَقِمُونَ: बदला लेने वाले, सज़ा देने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ प्यारे नबी! अगर हम तुम्हें इस दुनिया से उठा लें और तुम्हारी आँखों के सामने उन काफ़िरों की सज़ा न आए, तो कोई चिंता नहीं। हम उनसे ज़रूर बदला लेंगे। यह बदला दो तरह से होगा — एक तो इसी दुनिया में, जैसे बद्र के दिन उन्हें मारा गया, और दूसरा आख़िरत में, जहाँ उन्हें क़ब्र और जहन्नम का अज़ाब भुगतना होगा। अल्लाह का वादा है कि वह अपने नबी की मदद करेगा और उनके दुश्मनों को रूसवा करेगा, चाहे नबी की ज़िंदगी में हो या उनके बाद।
यह आयत मुसलमानों के लिए एक बड़ी तसल्ली और हौसले की बात है। अल्लाह कभी अपने नेक बंदों को अकेला नहीं छोड़ता। भले ही सज़ा में देर हो, लेकिन अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है और उसका इंसाफ़ कभी नाकाम नहीं होता। इसलिए ऐ ईमान वालों! जब तुम सच्चाई पर हो और अल्लाह के रास्ते में मेहनत कर रहे हो, तो यक़ीन रखो कि अल्लाह तुम्हारे साथ है। बुराई का अंजाम चाहे कितनी भी देर से क्यों न आए, ज़रूर आएगा। अल्लाह ने हर ज़ालिम के लिए अपनी सज़ा मुक़र्रर कर रखी है। तुम बस सब्र करो और अल्लाह पर भरोसा रखो — फ़तह (विजय) उन्हीं के लिए है जो अल्लाह पर पूरा यक़ीन रखते हैं।
📜 आयत 39-43 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 41
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो अगर हम तुमको (दुनिया से) ले भी जाएँ तो…सूरा आयत 41/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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