Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِذ ظَّلَمْتُمْ — जब तुमने (दुनिया में) ज़ुल्म किया, यानी शिर्क और गुनाह किए।
- مُشْتَرِكُونَ — एक-दूसरे के साथ (अज़ाब में) साझीदार होना।
तफ़सीर:
आज के दिन (क़यामत के दिन) तुम्हें तुम्हारा एक-दूसरे के साथ अज़ाब में साझीदार होना किसी भी तरह से कोई फ़ायदा नहीं पहुँचाएगा, क्योंकि तुमने दुनिया में ज़ुल्म किया था — यानी अल्लाह के साथ शिर्क किया और उसकी नाफ़रमानी की। जिस तरह तुम दुनिया में कुफ्र और गुनाह में एक-दूसरे के साथी बने थे, उसी तरह आज अज़ाब में भी तुम सब साझीदार हो, लेकिन यह साझेदारी तुम्हारे किसी काम न आएगी। तुम्हारे साथी (शैतान और गुमराह करने वाले) तुम्हारा कोई बोझ नहीं उठाएँगे, और न ही तुम्हारे अज़ाब को कम कर सकेंगे। हर एक को अपने कर्मों के अनुसार पूरा-पूरा अज़ाब मिलेगा — हर काफ़िर और हर शैतान के लिए अज़ाब का अपना हिस्सा है, जो उससे कम नहीं होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इन्साफ़ बिल्कुल पूर्ण है — वहाँ कोई सिफ़ारिश या साझेदारी किसी के काम नहीं आएगी। इसलिए ऐ इन्सान! आज ही अपनी ज़िंदगी को सँवार ले, अल्लाह की रहमत और मग़फिरत का सहारा ले, क्योंकि आज का दिन अमल का दिन है, हिसाब का नहीं। कल पछताने से कोई फ़ायदा नहीं होगा। अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें और उसकी रहमत कमाएँ — यही सबसे बड़ी कामयाबी है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की याद से मुँह मोड़ते हैं, वे आख़िरत में सिर्फ़ पछतावे के सिवा कुछ हासिल नहीं करेंगे। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे।
📜 आयत 37-41 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 39
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब तुम नाफरमानियाँ कर चुके तो (शयातीन के साथ)…सूरा आयत 39/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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