Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَاصْفَحْ: अर्थात उपेक्षा करो, क्षमा करो, दरगुज़र करो।
- سَلَامٌ: यहाँ इसका अर्थ है सुरक्षित रहने की बात या विदाई का शब्द, जो झगड़े और बुराई से बचने के लिए कहा जाए।
- فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ: अर्थात वे शीघ्र ही जान लेंगे (धमकी और चेतावनी)।
तफसीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों की सांत्वना और उनकी बुराइयों से दरगुज़र करें और उन्हें जवाब में केवल "सलाम" कहें। यानी उनसे अलग हो जाएं और उनके साथ नर्मी और भलाई का व्यवहार करें, ताकि उनकी शरारतों से बचा जा सके। यह हुक्म मक्का के ज़माने में दिया गया था, जब मुसलमान कमज़ोर थे और उन्हें सब्र और सहनशीलता का आदेश दिया गया।
यह "सलाम" सिर्फ़ बोलने का शब्द नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा तरीका है जो अक्लमंद और समझदार लोग अपनाते हैं, जब वे जाहिलों की बातों का सामना करते हैं। वे उनसे बुराई का जवाब बुराई से नहीं देते, न ही उनके साथ झगड़ते हैं, बल्कि उन्हें छोड़ देते हैं और अलग हो जाते हैं।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ" यानी ये लोग जल्द ही जान लेंगे कि उन्होंने क्या किया और उनका अंजाम क्या होगा। यह उनके लिए एक सख्त चेतावनी और धमकी है, और नबी ﷺ के लिए तसल्ली है कि आप चिंता न करें, अल्लाह उनसे बदला लेगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि बुराई का जवाब भलाई से देना चाहिए और जब सामने वाला झगड़ा करे तो उसे छोड़ देना चाहिए। इस्लाम सिखाता है कि नरमी और सब्र से दुश्मन भी दोस्त बन सकते हैं। हमें भी चाहिए कि लोगों की बुराइयों पर सब्र करें, उन्हें अल्लाह के हवाले कर दें, क्योंकि अल्लाह ही सबसे अच्छा फैसला करने वाला है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता और उनके दुश्मनों से खुद बदला लेता है। इसलिए हमें अपना काम करते रहना चाहिए और अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए।
📜 आयत 87-89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 89
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 89 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम उनसे मुँह फेर लो और कह दो कि…सूरा आयत 89/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 87–89. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


