अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- رَبَّنَا – हे हमारे पालनहार!
- اكْشِفْ – हटा दे, दूर कर दे।
- الْعَذَابَ – यातना, अज़ाब।
- إِنَّا مُؤْمِنُونَ – हम निश्चय ही ईमान लाने वाले हैं।
तफ़सीर:
जब अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ के दुश्मनों पर अपना अज़ाब नाज़िल करता है, तो वे सख्त मुसीबत और बदहाली में घिर जाते हैं। आसमान से एक साफ़ और स्पष्ट धुआँ (दुख़ान) आता है जो सभी लोगों को अपनी लपेट में ले लेता है, और यह उनके लिए एक दर्दनाक यातना बन जाता है। उस वक़्त उनसे कहा जाता है: "यह एक दर्दनाक अज़ाब है।" जब यह मुसीबत उन पर बहुत ज़्यादा सख्त हो जाती है, तो वे अपने रब की तरफ़ रुजू करते हैं, गिड़गिड़ाते हैं और दुआ करते हैं: "ऐ हमारे रब! हम पर से यह अज़ाब हटा दे, हम तेरी तरफ़ लौट आए हैं और तुझ पर ईमान लाते हैं।" वे वादा करते हैं कि अगर अल्लाह उनसे यह यातना हटा देगा, तो वे उस पर और उसके रसूल पर ईमान लाएँगे और उसकी रिसालत को सच मानेंगे।
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान जब मुसीबत में घिरता है, तो उसे अपने रब की तरफ़ ही रुजू करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही कष्टों को दूर करने वाला है। लेकिन अफ़सोस की बात है कि बहुत से लोग मुसीबत आने पर ईमान का दावा करते हैं, मगर जैसे ही राहत मिलती है, वे फिर से अपनी पुरानी हालत पर लौट जाते हैं। अल्लाह तआला हमें सच्चे दिल से ईमान लाने और हर हाल में उसकी तरफ़ रुजू करने की तौफ़ीक़ दे। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की रहमत बहुत वसीअ है — जब बंदा सच्चे दिल से तौबा करता है और उससे दुआ करता है, तो अल्लाह उसकी दुआ सुनता है और उस पर रहम फ़रमाता है। हमें चाहिए कि हम अपने रब की तरफ़ हमेशा रुजू रखें, क्योंकि वही हर मुसीबत को दूर करने वाला और हर दुआ को क़बूल करने वाला है।
📜 आयत 10-14 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 12
सूरा अद-दुखान आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कुफ्फ़ार भी घबराकर कहेंगे कि परवरदिगार हमसे अज़ाब को दूर…सूरा आयत 12/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








