अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَنَّى: कैसे, किस तरह
- الذِّكْرَى: नसीहत पकड़ना, सीख लेना, याद दिलाना
- رَسُولٌ مُّبِين: स्पष्ट रूप से सत्य और सच्चाई बयान करने वाला रसूल (पैगंबर मुहम्मद ﷺ)
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन काफ़िरों की उस हालत का ज़िक्र कर रहे हैं जब उन पर अज़ाब (यातना) आ चुका होगा और वे उस वक़्त पुकारेंगे कि "हम ईमान लाए!" लेकिन अल्लाह फ़रमाता है: "उन्हें नसीहत कैसे मिल सकती है?" यानी जब अज़ाब आ जाए और वक़्त निकल जाए, तो ईमान लाने और नसीहत पकड़ने का क्या फ़ायदा? यह तो उस वक़्त की बात है जब तौबा क़बूल नहीं होती।
और फिर अल्लाह फ़रमाता है: "हालाँकि उनके पास स्पष्ट रसूल आ चुका था।" यानी अल्लाह ने उन पर हुज्जत (प्रमाण) पूरी कर दी थी। उनके पास पैगंबर मुहम्मद ﷺ आए, जिन्होंने साफ़ और स्पष्ट तरीके से सच्चाई पेश की। उनकी सच्चाई, अमानत और साफ़ बयानी ऐसी थी कि किसी भी समझदार इंसान के लिए शुबहा (संदेह) की गुंजाइश नहीं थी। वे जानते थे कि यह शख्स सच्चा है, लेकिन फिर भी उन्होंने उसे झुठलाया और कहा कि उसे किसी इंसान ने सिखाया है, या वह पागल है, या उस पर जिन्नात का असर है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हर उम्मत पर अपने रसूल भेजे और हुज्जत क़ायम की। जो लोग दुनिया में नसीहत नहीं पकड़ते, वे आख़िरत में या अज़ाब के वक़्त पछताएँगे, लेकिन तब पछताना बेकार होगा।
दावती पहलू (प्रचारात्मक पहलू):
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम अल्लाह के रसूल ﷺ की लाई हुई राह को आज ही अपना लें। हमें उस दिन का इंतज़ार नहीं करना चाहिए जब तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाए। आज हमारे पास कुरआन और सुन्नत है, जो साफ़ रोशनी है। जो आज इस रोशनी से फ़ायदा उठाएगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। अल्लाह हमें नसीहत पकड़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 11-15 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 13
सूरा अद-दुखान आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस वक्त) भला क्या उनको नसीहत होगी जब उनके पास…सूरा आयत 13/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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