Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَكَتْ عَلَيْهِمُ السَّمَاءُ وَالْأَرْضُ: आसमान और ज़मीन का उन पर रोना (अर्थात् उनके लिए शोक मनाना)।
- مُنظَرِينَ: देर दी गई, मोहलत दी गई, पीछे टाला गया।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब फ़िरऔन और उसकी क़ौम पर अल्लाह का अज़ाब आया और वे समुद्र में डूबकर हलाक हुए, तो न आसमान ने उन पर आँसू बहाए और न ज़मीन ने उनके लिए शोक मनाया। यह उनकी बेक़द्री और अल्लाह की नाराज़गी की सबसे बड़ी निशानी है। जब कोई नेक और ईमानवाला बंदा मरता है, तो आसमान और ज़मीन उस पर रोते हैं, क्योंकि उसकी इबादतों और नेकियों की बरकत से ये कायनात भी फ़ायदा उठाती थी। लेकिन फ़िरऔन और उसके साथियों के लिए यह सब कुछ ख़त्म हो गया — उनकी मौत पर न तो आसमान रोया और न ज़मीन।
इसके अलावा, उन्हें कोई मोहलत नहीं दी गई, कोई देर नहीं हुई। जब अल्लाह का फ़ैसला आया, तो वह तुरंत लागू हुआ। उन्हें तौबा करने का मौक़ा नहीं मिला, न कोई और मौका दिया गया। यह उनके कुफ्र और ज़ुल्म का नतीजा था कि अल्लाह ने उन्हें बिल्कुल भी राहत न दी।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी ज़िंदगी का मक़सद क्या है? क्या हम ऐसी ज़िंदगी जीना चाहते हैं जिस पर आसमान और ज़मीन भी रोएँ? या फिर हमारा अंजाम फ़िरऔन जैसा हो? अल्लाह ने हमें मोहलत दी है, हमें तौबा करने का मौक़ा दिया है। यह अल्लाह की रहमत है कि हम अभी ज़िंदा हैं और अपने गुनाहों से बाज़ आ सकते हैं। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को ईमान और नेकियों से सजाएँ, ताकि हमारी मौत पर आसमान और ज़मीन रोएँ और हमें अल्लाह की रहमत मिले। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत उससे भी बड़ी है। जो लोग उसकी ओर लौट आते हैं, उनके लिए खुशखबरी है।
📜 आयत 27-31 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 29
सूरा अद-दुखान आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उन लोगों पर आसमान व ज़मीन को भी रोना…सूरा आयत 29/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अद-दुखान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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