अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- दरजात (درجات): स्तर, पद, मरातिब।
- लियुवफ्फियहुम (ليوفيهم): उन्हें पूरा-पूरा बदला देना।
- ला युज़लमून (لا يظلمون): उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया जाएगा, न उनके नेकियों में कमी की जाएगी और न उनकी बुराइयों में अधिकता।
तफसीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में यह स्पष्ट कर दिया है कि क़ियामत के दिन हर इंसान को उसके कर्मों के अनुसार उसका स्थान मिलेगा। यहाँ "हर एक" से दोनों समूह मुराद हैं — नेक लोग और बुरे लोग। नेक लोगों के लिए जन्नत में ऊँचे-ऊँचे दरजे होंगे जो उनके ईमान और अच्छे आमाल के अनुसार बढ़ते जाएँगे, और बुरे लोगों के लिए जहन्नम में नीचे के दरजात होंगे जो उनके गुनाहों के अनुसार घटते जाएँगे। यह कोई इत्तिफ़ाक़ या अंधाधुंध व्यवस्था नहीं है, बल्कि पूर्ण न्याय और हिकमत पर आधारित है।
अल्लाह तआला ने यह भी बताया कि यह सब कुछ इसलिए होगा ताकि वह हर व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला दे। नेकी करने वाले को उसकी नेकी का पूरा अज्र मिलेगा, और गुनाहगार को उसके गुनाह का उचित परिणाम भुगतना होगा। और यह सब इंसाफ़ के साथ होगा — कोई भी व्यक्ति ज़ुल्म का शिकार नहीं होगा। न किसी की नेकियाँ कम की जाएँगी, न किसी की बुराइयाँ बढ़ाई जाएँगी। अल्लाह का न्याय इतना पूर्ण है कि उसमें रत्ती भर भी कमी या अधिकता नहीं होगी।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक़ सिखाती है — हमारा हर अच्छा या बुरा काम रिकॉर्ड किया जा रहा है, और उसका बदला हमें ज़रूर मिलेगा। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अच्छे कर्मों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि हर नेकी हमारे दरजे को बुलंद करेगी। साथ ही यह एक चेतावनी भी है कि बुरे कामों से बचें, क्योंकि हर गुनाह हमारे दरजे को गिराएगा।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर बिल्कुल ज़ुल्म नहीं करता। वह तो रहम करने वाला है, मगर उसका न्याय भी पूर्ण है। जो व्यक्ति दुनिया में नेकी करेगा, उसे आख़िरत में उसका फल मिलेगा — और यह अल्लाह का वादा है जो कभी टूटता नहीं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएँ, और उस दिन की तैयारी करें जब हर आत्मा को उसके कर्मों का पूरा बदला दिया जाएगा।
📜 आयत 17-21 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 19
सूरा अल-अहकाफ आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लोगों ने जैसे काम किये होंगे उसी के मुताबिक…सूरा आयत 19/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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