अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَسْخَطَ اللَّهَ: जिससे अल्लाह नाराज़ हो।
- رِضْوَانَهُ: अल्लाह की खुशी और प्रसन्नता।
- فَأَحْبَطَ: तो उसने बेकार कर दिया, नष्ट कर दिया।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह अज़ाब और यह बुरा अंजाम जो उन्हें मिला, वह इसलिए था क्योंकि उन्होंने उन रास्तों और कामों को अपनाया जिनसे अल्लाह नाराज़ होता है — जैसे शैतान की आज्ञा मानना, कुफ़्र और निफ़ाक़ (पाखंड) अपनाना, और अल्लाह तथा उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की दुश्मनी करना। उन्होंने अल्लाह की नाराज़गी को खरीदा और उसकी खुशी को ठुकरा दिया। वे उन अच्छे कामों से नफ़रत करते थे जो अल्लाह को पसंद हैं — जैसे ईमान, नेकी, अल्लाह के रास्ते में जिहाद, सच्चाई और भलाई के काम। उन्होंने अल्लाह की रज़ा (खुशी) को अपने लिए बोझ समझा और उससे दूर भागे। नतीजा यह हुआ कि अल्लाह ने उनके सारे अच्छे काम — चाहे वे दान-पुण्य हों, रिश्तेदारों से अच्छा व्यवहार हो या कोई और नेकी — सब बेकार कर दिए और उनका कोई बदला उन्हें नहीं मिलेगा।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है: इंसान का अंजाम उसके ईमान और उसके कर्मों पर निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति अल्लाह की नाराज़गी के काम करता है और उसकी खुशी के कामों से नफ़रत करता है, तो उसकी सारी नेकियाँ भी उसे क़यामत के दिन कोई फ़ायदा नहीं पहुँचा सकतीं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में हर उस काम से बचें जो अल्लाह को नाराज़ करे, और हर उस काम को अपनाएँ जो उसे पसंद है — क्योंकि अल्लाह की रज़ा ही असली कामयाबी है। जिसे अल्लाह की खुशी मिल गई, उसने सब कुछ पा लिया, और जो उसकी नाराज़गी का शिकार हुआ, उसने सब कुछ खो दिया।
📜 आयत 26-30 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 28
सूरा मुहम्मद आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये इस सबब से कि जिस चीज़ों से ख़ुदा नाख़ुश…सूरा आयत 28/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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