अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَفَّتْهُمُ: उनकी आत्माएँ क़ब्ज़ कर लीं।
- الْمَلَائِكَةُ: मौत के फ़रिश्ते।
- يَضْرِبُونَ: मारते हैं।
- وُجُوهَهُمْ: उनके चेहरों को।
- أَدْبَارَهُمْ: उनकी पीठों को (पीछे की तरफ़)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) की भयानक हालत का ज़िक्र कर रहे हैं, जो दुनिया में ईमान का दिखावा करते हैं, लेकिन दिल में कुफ़्र और नफ़रत छिपाए रखते हैं। जब उनकी मौत का वक़्त आएगा और फ़रिश्ते उनकी रूह क़ब्ज़ करने के लिए आएँगे, तो वे उनके चेहरों और पीठों पर लोहे के हथौड़ों (मुक़ामे) से मारेंगे। यह वो दृश्य होगा जिसे देखकर हर समझदार इंसान काँप उठेगा।
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो अल्लाह के दीन का मज़ाक उड़ाते हैं, रसूलुल्लाह ﷺ की शान में गुस्ताख़ी करते हैं, और मुसलमानों के ख़िलाफ़ साज़िशें रचते हैं। अल्लाह फ़रमाता है: "फिर उनका क्या हाल होगा जब फ़रिश्ते उनकी जान निकालेंगे और उनके चेहरों और पीठों पर मारेंगे?" यानी उस वक़्त उन्हें अपने किए पर पछतावा होगा, लेकिन पछतावा किसी काम न आएगा।
यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ार रहे हैं। क्या हम सच्चे मुसलमान हैं या सिर्फ़ दिखावा कर रहे हैं? अल्लाह तआला हमें मौत से पहले तौबा करने की तौफ़ीक़ दे, और हमें उन लोगों में से न बनाए जिनके चेहरे और पीठ क़ियामत के दिन फ़रिश्तों की मार से ज़ख़्मी होंगे।
याद रखिए, यह दुनिया की ज़िंदगी एक इम्तिहान है। जो लोग अल्लाह के हुक्मों की परवाह नहीं करते और अपनी ज़िद में अड़े रहते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। लेकिन जो लोग ईमान लाए और नेक अमल करते रहे, उनके लिए जन्नत की खुशख़बरी है। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 25-29 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 27
सूरा मुहम्मद आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब फ़रिश्तें उनकी जान निकालेंगे उस वक्त उनका क्या…सूरा आयत 27/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








