Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نَصْرًا عَزِيزًا: ऐसी सहायता जो अत्यंत शक्तिशाली, प्रतिष्ठित और अजेय हो, जिसे कोई रोक न सके और जिसके साथ विजय और प्रभुत्व हो।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को यह शुभ सूचना दी कि वह उन्हें ऐसी सहायता प्रदान करेगा जो अत्यंत शक्तिशाली और सम्मानित होगी। यह नस्र (सहायता) केवल दुश्मन को पीछे हटाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह ऐसी विजय होगी जिसमें दुश्मन पर पूर्ण प्रभुत्व, उनकी पराजय और इस्लाम की सर्वोच्चता शामिल होगी। इस नस्र को "अज़ीज़" कहा गया है क्योंकि यह ऐसी मज़बूत और अटल सहायता होगी जिसे कोई ताकत रोक नहीं सकेगी, और इसके साथ इस्लाम का झंडा बुलंद होगा।
यह वादा उस समय किया गया जब हुदैबियyah की संधि के बाद मुसलमानों को ज़ाहिरी तौर पर कमज़ोर महसूस किया जा रहा था, लेकिन अल्लाह ने बताया कि यही संधि एक बड़ी विजय का द्वार है। यह नस्र उन सभी कठिनाइयों, त्याग और धैर्य का फल था जो रास्ते में उठाए गए। अल्लाह का यह वादा सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर उस मोमिन के लिए है जो अल्लाह के मार्ग में सब्र और इस्तिक़ामत (दृढ़ता) दिखाता है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वालों को कभी निराश नहीं होना चाहिए। भले ही हालात कितने भी कठिन हों, अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, और वह मदद ऐसी होती है जो इज़्ज़त और कामयाबी लाती है। यह हमें यह भी सिखाता है कि सच्ची इज़्ज़त और शक्ति अल्लाह के पास है, और वही अपने बंदों को इज़्ज़त देता है। जो लोग अल्लाह के दीन की मदद करते हैं, अल्लाह उन्हें ऐसी नस्र देता है जो कभी ज़लील नहीं होती। यह आयत मोमिनों के दिलों में उम्मीद और हिम्मत पैदा करती है कि चाहे दुश्मन कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अल्लाह की मदद सबसे बड़ी ताकत है।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 3
सूरा अल-फतह आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा तुम्हारी ज़बरदस्त मदद करेसूरा आयत 3/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


