Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْحَيْتُ: मैंने प्रेरणा दी, दिल में डाल दिया।
- الْحَوَارِيِّينَ: हवारी (बहुवचन: हवारिय्यून) — हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के विशेष सहायक और सच्चे साथी।
- آمِنُوا: ईमान लाओ, विश्वास करो।
- وَاشْهَدْ: और गवाह बनो।
- مُسْلِمُونَ: आज्ञाकारी, अल्लाह के हुक्म के सामने सिर झुकाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को वह बड़ी नेमत याद दिला रहा है जो उन्होंने हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के साथियों पर की थी। अल्लाह ने हवारियों (हज़रत ईसा के विशेष सहायकों) के दिलों में यह बात डाल दी और उन्हें प्रेरणा दी कि वे अल्लाह पर और उसके रसूल हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) पर ईमान लाएँ। यह कोई ज़बरदस्ती की बात नहीं थी, बल्कि अल्लाह ने उनके दिलों को हिदायत के लिए खोल दिया और उन्हें सत्य को स्वीकार करने की तौफ़ीक़ दी। उन्होंने तुरंत इस प्रेरणा का जवाब दिया और कहा: "हम ईमान लाए, हे हमारे रब! तू गवाह रह कि हम तेरे हुक्म के सामने सिर झुकाने वाले (मुसलमान) हैं।" इस तरह उन्होंने बाहरी इस्लाम (आज्ञाकारिता) और भीतरी ईमान (सच्चे विश्वास) दोनों को एक साथ जोड़ लिया। यह उनकी सच्चाई और अल्लाह की ओर से उन्हें मिली तौफ़ीक़ का सबूत था।
फ़ायदे (लाभ):
- अल्लाह की मदद का ज़रिया: जब अल्लाह किसी काम को करना चाहता है, तो वह लोगों के दिलों में सच्चाई की प्रेरणा डाल देता है। यह दिखाता है कि हिदायत अल्लाह के हाथ में है, और वह जिसे चाहता है सच्चाई समझने की तौफ़ीक़ देता है।
- ईमान और इस्लाम का ताल्लुक़: हवारियों ने सिर्फ़ ज़बान से ईमान नहीं कहा, बल्कि अपने अमल और आज्ञाकारिता से उसे साबित किया। यह सिखाता है कि सच्चा ईमान वही है जो दिल में हो और अमल से ज़ाहिर हो।
- अल्लाह को गवाह बनाना: हवारियों ने अल्लाह को अपने ईमान का गवाह बनाया। यह हमें सिखाता है कि हर अच्छे काम में हमें अल्लाह की रज़ा का ख़याल रखना चाहिए और उसी को गवाह बनाना चाहिए।
- सच्चे साथियों की अहमियत: हवारी हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के सच्चे साथी थे, जिन्होंने उनका साथ दिया और दीन की मदद की। यह हमें सिखाता है कि नेक काम में सच्चे और भरोसेमंद साथियों का होना कितना बड़ा वरदान है।
- इस्लाम की आसानी: इस आयत से पता चलता है कि इस्लाम कोई मुश्किल दीन नहीं है, बल्कि यह अल्लाह के सामने सिर झुकाने और उसके हुक्म को मानने का नाम है। जो भी ऐसा करता है, वह मुसलमान कहलाता है और अल्लाह की रहमत का हक़दार बनता है।
📜 आयत 109-113 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 111
सूरा अल-माइदा आयत 111 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब मैने हवारियों से इलहाम किया कि मुझ पर…सूरा आयत 111/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 109–113. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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