अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَقَدْ كَفَرَ: निश्चय ही काफ़िर (अधर्मी) हो गए।
- الْمَسِيحُ: ईसा अलैहिस्सलाम, जिन्हें मसीह कहा जाता है।
- اعْبُدُوا: इबादत करो, उपासना करो।
- حَرَّمَ: हराम कर दिया, रोक दिया।
- مَأْوَاهُ: उसका ठिकाना, निवास स्थान।
- أَنصَارٍ: सहायक, मददगार।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने स्पष्ट रूप से बताया कि जिन लोगों ने यह कहा कि "अल्लाह स्वयं मसीह (ईसा इब्ने मरयम) हैं", वे निश्चय ही काफ़िर हो गए। यह घोर शिर्क है, क्योंकि ईसा अलैहिस्सलाम अल्लाह की मख़लूक़ (सृष्टि) हैं, अल्लाह के बंदे और उसके रसूल हैं। उन्हें ख़ुदा कहना या उन्हें अल्लाह के साथ शरीक ठहराना पूर्ण अधर्म और कुफ़्र है।
अल्लाह ने यह भी बताया कि स्वयं मसीह (ईसा) ने अपनी क़ौम बनी इस्राईल से कहा था: "ऐ बनी इस्राईल! अल्लाह की इबादत करो, जो मेरा रब भी है और तुम्हारा रब भी।" यानी ईसा ने ख़ुद को अल्लाह का बंदा बताया और लोगों को एक अल्लाह की उपासना की ओर बुलाया। उन्होंने कभी अपने लिए उलूहियत (ख़ुदाई) का दावा नहीं किया, बल्कि वे तो अल्लाह के आज्ञाकारी बंदे और उसके पैग़म्बर थे।
फिर अल्लाह ने एक सामान्य नियम बताया: "जो कोई अल्लाह के साथ किसी और को शरीक ठहराएगा, अल्लाह ने उस पर जन्नत हराम कर दी है, और उसका ठिकाना जहन्नम (नर्क) की आग है।" यानी शिर्क करने वाले के लिए जन्नत में प्रवेश वर्जित है, और उसका अंतिम निवास नर्क है। ऐसे ज़ालिमों (अत्याचारियों) का कोई सहायक नहीं होगा जो उन्हें अल्लाह की यातना से बचा सके या उनकी मदद कर सके।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत सिखाती है कि अल्लाह की एकता (तौहीद) ही सच्चा धर्म है, और किसी भी नबी या इंसान को ख़ुदा बनाना या उसकी पूजा करना सबसे बड़ा पाप है।
- ईसा अलैहिस्सलाम की पाक सीरत से हमें सबक मिलता है कि सच्चे नबी अपनी उम्मत को हमेशा अल्लाह की इबादत की ओर बुलाते हैं, न कि अपनी तरफ़।
- शिर्क से बचना ही जन्नत की कुंजी है; जो व्यक्ति अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराता है, उसके सारे अच्छे काम बेकार हो जाते हैं और उसका अंजाम नर्क है।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि वे अपने ईमान की रक्षा करें, और ईसा अलैहिस्सलाम को केवल अल्लाह का बंदा और रसूल मानें, न कि अल्लाह का बेटा या ख़ुदा।
- अल्लाह की रहमत और अदालत दोनों का पता चलता है—वह शिर्क करने वालों को सज़ा देगा, लेकिन जो लोग उसकी इबादत करते हैं और उसके रसूलों पर ईमान लाते हैं, उनके लिए जन्नत तैयार है।
📜 आयत 70-74 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 72
सूरा अल-माइदा आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग उसके क़ायल हैं कि मरियम के बेटे ईसा…सूरा आयत 72/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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