laqad kafaral lazeena qaalooo innal laaha saalisu salaasah; wa maa min ilaahin illaaa Ilaahunw Waahid; wa illam yantahoo `ammaa yaqooloona layamas sannal lazeena kafaroo minhum `azaabun aleem
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
जो लोग इसके क़ायल हैं कि ख़ुदा तीन में का (तीसरा) है वह यक़ीनन काफ़िर हो गए (याद रखो कि) ख़ुदाए यकता के सिवा कोई माबूद नहीं और (ख़ुदा के बारे में) ये लोग जो कुछ बका करते हैं अगर उससे बाज़ न आए तो (समझ रखो कि) जो लोग उसमें से (काफ़िर के) काफ़िर रह गए उन पर ज़रूर दर्दनाक अज़ाब नाज़िल होगा
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وہ لوگ (بھی) کافر ہیں جو اس بات کے قائل ہیں کہ خدا تین میں کا تیسرا ہے حالانکہ اس معبود یکتا کے سوا کوئی عبادت کے لائق نہیں اگر یہ لوگ ایسے اقوال (وعقائد) سے باز نہیں آئیں گے تو ان میں جو کافر ہوئے ہیں وہ تکلیف دینے والا عذاب پائیں گے
जो लोग इसके क़ायल हैं कि ख़ुदा तीन में का (तीसरा) है वह यक़ीनन काफ़िर हो गए (याद रखो कि) ख़ुदाए यकता के सिवा कोई माबूद नहीं और (ख़ुदा के बारे में) ये लोग जो कुछ बका करते हैं अगर उससे बाज़ न आए तो (समझ रखो कि) जो लोग उसमें से (काफ़िर के) काफ़िर रह गए उन पर ज़रूर दर्दनाक अज़ाब नाज़िल होगा
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
ثَالِثُ ثَلَاثَةٍ: तीनों में से तीसरा, अर्थात ईश्वर को तीन में से एक मानना।
لَيَمَسَّنَّ: अवश्य छूएगा, अवश्य पहुँचेगा।
عَذَابٌ أَلِيمٌ: दर्दनाक एवं पीड़ादायक यातना।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने ईसाइयों के उस गिरोह के कुफ़्र (अधर्म) को स्पष्ट किया है जो यह कहते हैं कि अल्लाह तीन में से एक है — अर्थात ईश्वरत्व (ख़ुदाई) तीन हस्तियों में बँटा हुआ है: पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा (रूहुल क़ुदुस)। यह उनका कथन पूर्णतः कुफ़्र और झूठ है, क्योंकि अल्लाह इन सब बातों से पाक और उच्च है। वह एक है, उसका कोई साझीदार नहीं, न कोई उसका जोड़ा है और न कोई संतान। आकाशों और धरती का स्वामी अकेला वही है, और उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं।
फिर अल्लाह तआला ने चेतावनी दी कि यदि ये लोग अपनी इस घृणित बात से बाज़ नहीं आए और एकेश्वरवाद (तौहीद) को नहीं अपनाया, तो उनमें से जो लोग कुफ़्र पर डटे रहेंगे, उन्हें अवश्य ही दर्दनाक यातना का सामना करना पड़ेगा। यह यातना उनके इसी झूठे विश्वास और अल्लाह के बारे में बुरी धारणा का परिणाम होगी।
लाभ एवं शिक्षाएँ:
अल्लाह की एकता (तौहीद) इस्लाम का मूल सिद्धांत है, और उसके साथ किसी को साझीदार ठहराना या उसकी हैसियत में कोई कमी करना सबसे बड़ा पाप है।
अल्लाह अपने बारे में कही गई हर बुरी बात से पाक है; वह किसी का पिता, पुत्र या तीसरा नहीं, बल्कि अकेला, अजर-अमर और बेमिसाल है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के बारे में सही ज्ञान रखना चाहिए, और उसकी शान के खिलाफ कोई बात कहने से बचना चाहिए।
अल्लाह की चेतावनी उसके रहमत और इंसाफ़ का प्रमाण है — वह बताता है कि गलती पर अड़े रहने का अंजाम क्या होगा, ताकि लोग सुधर जाएँ।
यह आयत हमें बताती है कि सच्चा धर्म वही है जो अल्लाह की एकता पर आधारित हो, और यही वह रास्ता है जो इंसान को सफलता और शांति तक पहुँचाता है।
और समझ लिया कि (इसमें हमारे लिए) कोई ख़राबी न होगी पस (गोया) वह लोग (अम्र हक़ से) अंधे और बहरे बन गए (मगर बावजूद इसके) जब इन लोगों ने तौबा की तो फिर ख़ुदा ने उनकी तौबा क़ुबूल कर ली (मगर) फिर (इस पर भी) उनमें से बहुतेरे अंधे और बहरे बन गए और जो कुछ ये लोग कर रहे हैं अल्लाह तो देखता है
जो लोग उसके क़ायल हैं कि मरियम के बेटे ईसा मसीह ख़ुदा हैं वह सब काफ़िर हैं हालॉकि मसीह ने ख़ुद यूं कह दिया था कि ऐ बनी इसराईल सिर्फ उसी ख़ुदा की इबादत करो जो हमारा और तुम्हारा पालने वाला है क्योंकि (याद रखो) जिसने ख़ुदा का शरीक बनाया उस पर ख़ुदा ने बेहिश्त को हराम कर दिया है और उसका ठिकाना जहन्नुम है और ज़ालिमों का कोई मददगार नहीं
जो लोग इसके क़ायल हैं कि ख़ुदा तीन में का (तीसरा) है वह यक़ीनन काफ़िर हो गए (याद रखो कि) ख़ुदाए यकता के सिवा कोई माबूद नहीं और (ख़ुदा के बारे में) ये लोग जो कुछ बका करते हैं अगर उससे बाज़ न आए तो (समझ रखो कि) जो लोग उसमें से (काफ़िर के) काफ़िर रह गए उन पर ज़रूर दर्दनाक अज़ाब नाज़िल होगा
मरियम के बेटे मसीह तो बस एक रसूल हैं और उनके क़ब्ल (और भी) बहुतेरे रसूल गुज़र चुके हैं और उनकी मॉ भी (ख़ुदा की) एक सच्ची बन्दी थी (और आदमियों की तरह) ये दोनों (के दोनों भी) खाना खाते थे (ऐ रसूल) ग़ौर तो करो हम अपने एहकाम इनसे कैसा साफ़ साफ़ बयान करते हैं
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