अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَمْ: यहाँ पर इसका अर्थ है "क्या" (प्रश्नवाचक)।
- تَسْأَلُهُمْ أَجْرًا: उनसे कोई पारिश्रमिक या बदला माँगना।
- مَغْرَم: हर्जाना, खर्चा, या वह चीज़ जो लाज़मी तौर पर अदा करनी पड़े।
- مُثْقَلُونَ: बोझ से दबे हुए, भारी बोझ उठाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या आप इन मुशरिकों से इस्लाम की दावत और रिसालत पहुँचाने के बदले कोई उजरत या मेहनताना माँगते हैं? क्या आप उनसे कोई माली मुआवज़ा तलब करते हैं जिसके डर से वे इस बोझ को उठाने से कतराते हैं और आपके पैग़ाम को क़बूल करने से इनकार कर देते हैं?
हरगिज़ नहीं! आप तो उन्हें सिर्फ़ अल्लाह की राह की तरफ़ बुलाते हैं, और इस पर आप कोई अज्र नहीं चाहते। आपकी दावत बिल्कुल मुफ़्त और ख़ालिस अल्लाह की रज़ा के लिए है। आप उनसे कोई माली माँग नहीं करते, न ही उन पर कोई जुर्माना या हर्जाना लादते हैं। फिर भी वे इस सच्चाई को क़बूल करने से क्यों भागते हैं?
अगर आप उनसे कोई मेहनताना माँगते, तो शायद उनके पास यह बहाना होता कि यह बोझ हमारे लिए भारी है। लेकिन जब आपकी दावत बिल्कुल मुफ़्त है, उसमें कोई दुनियावी मतलब नहीं, तो फिर उनके इनकार की कोई वजह नहीं बनती। यह साफ़ दलील है कि वे सिर्फ़ हठधर्मी और सच्चाई से मुँह मोड़ने की वजह से ईमान नहीं लाते।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि दीन की दावत और अल्लाह की राह में काम करना बिल्कुल निःस्वार्थ होना चाहिए। जब दावत ख़ालिस अल्लाह के लिए होती है, तो लोगों के दिलों पर उसका असर ज़्यादा होता है। और जो लोग सच्चाई को समझकर भी उसे ठुकराते हैं, उनका हिसाब अल्लाह के सुपुर्द है। हमें चाहिए कि हम अपने अमल से लोगों को इस्लाम की खूबसूरती दिखाएँ, और उन्हें बताएँ कि इस दीन में कोई दुनियावी غرض नहीं, बल्कि यह तो सिर्फ़ इंसान की भलाई और उसकी कामयाबी के लिए है।
📜 आयत 38-42 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 40
सूरा अत-तूर आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या तुम उनसे (तबलीग़े रिसालत की) उजरत माँगते हो कि…सूरा आयत 40/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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