अल-क़मर · 52/55
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़मर
وَكُلُّ شَيْءٍ فَعَلُوهُ فِي الزُّبُرِ ۝٥٢
Wa kullu shai`in fa`aloohu fiz Zubur
📖 हिंदी अर्थ
और अगर चे ये लोग जो कुछ कर चुके हैं (इनके) आमाल नामों में (दर्ज) है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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📜 आयत 50-54 — सूरा अल-क़मर

50وَمَا أَمْرُنَا إِلَّا وَاحِدَةٌ كَلَمْحٍ بِالْبَصَرِ
और हमारा हुक्म तो बस ऑंख के झपकने की तरह एक बात होती है
51وَلَقَدْ أَهْلَكْنَا أَشْيَاعَكُمْ فَهَلْ مِن مُّدَّكِرٍ
और हम तुम्हारे हम मशरबो को हलाक कर चुके हैं तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
52وَكُلُّ شَيْءٍ فَعَلُوهُ فِي الزُّبُرِ
और अगर चे ये लोग जो कुछ कर चुके हैं (इनके) आमाल नामों में (दर्ज) है
53وَكُلُّ صَغِيرٍ وَكَبِيرٍ مُّسْتَطَرٌ
(यानि) हर छोटा और बड़ा काम लिख दिया गया है
54إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي جَنَّاتٍ وَنَهَرٍ
बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और नहरों में
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीअवतरण स्थान
52आयत

अनुवाद — अल-क़मर 52

सूरा अल-क़मर आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर चे ये लोग जो कुछ कर चुके हैं…

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Friday, October 2, 2026

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