अल-क़मर · 54/55
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़मर
إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي جَنَّاتٍ وَنَهَرٍ ۝٥٤
Innal muttaqeena fee jannaatinw wa nahar
📖 हिंदी अर्थ
बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और नहरों में

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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📜 आयत 52-55 — सूरा अल-क़मर

52وَكُلُّ شَيْءٍ فَعَلُوهُ فِي الزُّبُرِ
और अगर चे ये लोग जो कुछ कर चुके हैं (इनके) आमाल नामों में (दर्ज) है
53وَكُلُّ صَغِيرٍ وَكَبِيرٍ مُّسْتَطَرٌ
(यानि) हर छोटा और बड़ा काम लिख दिया गया है
54إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي جَنَّاتٍ وَنَهَرٍ
बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और नहरों में
55فِي مَقْعَدِ صِدْقٍ عِندَ مَلِيكٍ مُّقْتَدِرٍ
(यानि) पसन्दीदा मक़ाम में हर तरह की कुदरत रखने वाले बादशाह की बारगाह में (मुक़र्रिब) होंगे
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीअवतरण स्थान
54आयत

अनुवाद — अल-क़मर 54

सूरा अल-क़मर आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और नहरों में

सूरा आयत 54/55 — सूरा अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़मर सुनें, सूरा अल-क़मर अनुवाद, सूरा अल-क़मर mp3, सूरा अल-क़मर pdf. आयत 52–55. हिंदी अर्थ: اردو.





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Saturday, October 3, 2026

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