अल-वाकिया · 6/96
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-वाकिया
فَكَانَتْ هَبَاءً مُّنبَثًّا ۝٦
Fakaanat habaaa`am mumbassaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर ज़र्रे बन कर उड़ने लगेंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • हबा (هَبَاءً): बारीक धूल या गर्द जो हवा में उड़ती रहे।
  • मुनबस्सन (مُنبَثًّا): बिखरी हुई, चारों ओर फैली हुई, अलग-अलग होकर तितर-बितर हो जाने वाली।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब क़यामत का दिन आएगा, तो अल्लाह तआला इस धरती को इस कदर हिलाएगा कि पहाड़ अपनी जड़ों से उखड़ जाएंगे और रेत के ढेरों की तरह बिखर जाएंगे। फिर उन्हें बारीक से बारीक टुकड़ों में तोड़ा जाएगा, यहाँ तक कि वे धूल के समान हो जाएंगे। यह धूल हवा में इस तरह उड़ेगी और फैल जाएगी जैसे सूरज की किरणों में दिखने वाली बारीक गर्द इधर-उधर बिखरी होती है। यहाँ तक कि पहाड़ों का कोई निशान नहीं बचेगा, न उनका कोई वज़न रहेगा, न उनकी कोई हस्ती। यह सब कुछ अल्लाह की क़ुदरत का नमूना है, जो बताता है कि यह दुनिया कभी भी खत्म हो सकती है और उसके बाद एक नई दुनिया का आगाज़ होगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया जितनी भी मज़बूत और स्थायी लगती है, अल्लाह के हुक्म से एक पल में मिट्टी में मिल सकती है। इसलिए हमें इस फ़ानी दुनिया से दिल नहीं लगाना चाहिए, बल्कि उस आख़िरत की तैयारी करनी चाहिए जो कभी खत्म नहीं होगी। जिस अल्लाह के पास पहाड़ों को धूल बनाने की ताकत है, वही हमें माफ करने और जन्नत देने की भी पूरी ताकत रखता है। आओ, हम अपने रब की इबादत में मशगूल रहें और उस दिन के लिए अच्छे आमाल जमा करें, जब कोई माल और औलाद काम नहीं आएगी, सिर्फ़ ईमान और नेकियाँ काम आएंगी। यह आयत हमें सब्र और अमल की तरफ बुलाती है, ताकि हम उस दिन की घबराहट से बच सकें और अल्लाह की रहमत के साये में जगह पा सकें।



📜 आयत 4-8 — सूरा अल-वाकिया

4إِذَا رُجَّتِ الْأَرْضُ رَجًّا
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों में हिलने लगेगी
5وَبُسَّتِ الْجِبَالُ بَسًّا
और पहाड़ (टकरा कर) बिल्कुल चूर चूर हो जाएँगे
6فَكَانَتْ هَبَاءً مُّنبَثًّا
फिर ज़र्रे बन कर उड़ने लगेंगे
7وَكُنتُمْ أَزْوَاجًا ثَلَاثَةً
और तुम लोग तीन किस्म हो जाओगे
8فَأَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ
तो दाहिने हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (वाह) दाहिने हाथ वाले क्या (चैन में) हैं
अल-वाकियाकुरान सूची
96आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अल-वाकिया 6

सूरा अल-वाकिया आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर ज़र्रे बन कर उड़ने लगेंगे

सूरा आयत 6/96 — सूरा अल-वाकिया الواقعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-वाकिया सुनें, सूरा अल-वाकिया अनुवाद, सूरा अल-वाकिया mp3, सूरा अल-वाकिया pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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