अल-वाकिया · 7/96
अनुवाद उच्चारण — अल-वाकिया
وَكُنتُمْ أَزْوَاجًا ثَلَاثَةً ۝٧
Wa kuntum azwaajan salaasah
📖 हिंदी अर्थ
और तुम लोग तीन किस्म हो जाओगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • कुन्तुम (कुनतुम): तुम होओगे
  • अज़्वाजन (अज़्वाज): क़िस्में, प्रकार, समूह
  • सलासा (थलासा): तीन

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में क़यामत के दिन के उस भयावह और अज़ीम मंज़र का ज़िक्र कर रहे हैं, जब सारे इंसान अपनी क़ब्रों से उठ खड़े होंगे और अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। उस दिन सभी लोग तीन क़िस्मों में तक़्सीम हो जाएँगे। यह तक़्सीम उनके आमाल (कर्मों) के हिसाब से होगी, जो उन्होंने दुनिया में किए थे। यह तीन क़िस्में हैं:

  1. असहाबुल यमीन (दाएँ हाथ वाले): वे लोग जिनका आमालनामा उनके दाएँ हाथ में दिया जाएगा। ये वे लोग हैं जिन्होंने दुनिया में नेकियाँ कीं, अल्लाह के हुक्मों की पैरवी की और रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत पर अमल किया। ये लोग जन्नत में दाखिल होंगे और अल्लाह की रहमत से नवाज़े जाएँगे।
  2. असहाबुल मश'अमा (बाएँ हाथ वाले): वे लोग जिनका आमालनामा उनके बाएँ हाथ में दिया जाएगा। ये वे लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की, गुनाहों में डूबे रहे और आख़िरत को भूल गए। ये लोग जहन्नम में जाएँगे और अल्लाह के अज़ाब का सामना करेंगे।
  3. साबिक़ून (अग्रणी): वे लोग जो नेकियों में सबसे आगे रहे, यानी वे जिन्होंने ईमान और अमल में सबसे बढ़कर दर्जा हासिल किया। ये वे लोग हैं जो अल्लाह के सबसे क़रीबी बंदे हैं, जैसे अंबिया, सिद्दीक़ीन, शुहदा और सालिहीन। ये सबसे ऊँचे दर्जे पर होंगे और अल्लाह की ख़ास रहमत के हक़दार होंगे।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि ज़िंदगी का यह सफ़र आख़िरी नहीं है। एक दिन हम सब अपने रब के सामने खड़े होंगे और हमारे आमाल की पूरी पेशगी होगी। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने आमाल को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें, उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलें और दुनिया में ऐसे काम करें जो आख़िरत में हमारे काम आएँ।

याद रखिए, क़यामत का दिन कोई मज़ाक़ नहीं है। यह सच्चाई है जो हर इंसान को एक दिन देखनी है। जो लोग आज अल्लाह की इबादत करेंगे और उसकी राह पर चलेंगे, वे उस दिन जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएँगे। और जो लोग आज ग़ाफ़िल रहेंगे, वे उस दिन पछताएँगे, लेकिन पछताने का वक़्त नहीं होगा। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 5-9 — अल-वाकिया

5وَبُسَّتِ الْجِبَالُ بَسًّا
और पहाड़ (टकरा कर) बिल्कुल चूर चूर हो जाएँगे
6فَكَانَتْ هَبَاءً مُّنبَثًّا
फिर ज़र्रे बन कर उड़ने लगेंगे
7وَكُنتُمْ أَزْوَاجًا ثَلَاثَةً
और तुम लोग तीन किस्म हो जाओगे
8فَأَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ
तो दाहिने हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (वाह) दाहिने हाथ वाले क्या (चैन में) हैं
9وَأَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ
और बाएं हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (अफ़सोस) बाएं हाथ वाले क्या (मुसीबत में) हैं
अल-वाकियाकुरान सूची
96आयत
मक्कीRevelation
7आयत

अनुवाद — अल-वाकिया 7

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सूरा आयत 7/96 — अल-वाकिया الواقعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-वाकिया सुनें, अल-वाकिया अनुवाद, अल-वाकिया mp3, अल-वाकिया pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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