अल-वाकिया · 5/96
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-वाकिया
وَبُسَّتِ الْجِبَالُ بَسًّا ۝٥
Wa bussatil jibaalu bassaa
📖 हिंदी अर्थ
और पहाड़ (टकरा कर) बिल्कुल चूर चूर हो जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • "बुस्सत" (بُسَّتْ): चूर-चूर कर दिया जाना, रेत की तरह बिखेर दिया जाना।
  • "जिबाल" (الْجِبَالُ): पहाड़।
  • "बस्सन" (بَسًّا): बारीक टुकड़ों में तोड़ना, पीसकर धूल बना देना।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब क़ियामत का दिन आएगा, तो यह कायनात अपनी वर्तमान अवस्था से पूरी तरह बदल जाएगी। इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस दिन पहाड़ों को चूर-चूर कर दिया जाएगा, यहाँ तक कि वे बारीक रेत और धूल के समान हो जाएँगे। यह केवल टूटना नहीं, बल्कि पूरी तरह रेत की तरह बिखर जाना है, जिसे हवा उड़ा ले जाए। यह अल्लाह की क़ुदरत का वह ज़बरदस्त मंज़र है जब वह अपनी मख़लूक़ात (सृष्टि) को नए सिरे से बनाने के लिए पुरानी दुनिया को मिटा देगा।

यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि यह दुनिया कितनी अस्थायी है। आज ये पहाड़ अपनी बुलंदी और सख़्ती पर नाज़ाँ हैं, लेकिन अल्लाह के एक इशारे पर वे रेत के ढेर बन जाएँगे। इससे हमें सबक़ लेना चाहिए कि अपनी ताक़त, धन-दौलत या बड़ाई पर घमंड न करें, क्योंकि अल्लाह की क़ुदरत के आगे सब कुछ बेबस है। यह आयत हमें उस दिन की तैयारी की दावत देती है जब कोई माल और औलाद काम न आएगा, बल्कि सिर्फ़ ईमान और अच्छे आमाल ही काम आएँगे। तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ और उस दिन की हिफ़ाज़त के लिए अमल-ए-सालिह (नेक काम) करें, ताकि उस वक़्त हमारा पलड़ा भारी हो और हम जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएँ।



📜 आयत 3-7 — सूरा अल-वाकिया

3خَافِضَةٌ رَّافِعَةٌ
कि किसी को पस्त करेगी किसी को बुलन्द
4إِذَا رُجَّتِ الْأَرْضُ رَجًّا
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों में हिलने लगेगी
5وَبُسَّتِ الْجِبَالُ بَسًّا
और पहाड़ (टकरा कर) बिल्कुल चूर चूर हो जाएँगे
6فَكَانَتْ هَبَاءً مُّنبَثًّا
फिर ज़र्रे बन कर उड़ने लगेंगे
7وَكُنتُمْ أَزْوَاجًا ثَلَاثَةً
और तुम लोग तीन किस्म हो जाओगे
अल-वाकियाकुरान सूची
96आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अल-वाकिया 5

सूरा अल-वाकिया आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और पहाड़ (टकरा कर) बिल्कुल चूर चूर हो जाएँगे

सूरा आयत 5/96 — सूरा अल-वाकिया الواقعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-वाकिया सुनें, सूरा अल-वाकिया अनुवाद, सूरा अल-वाकिया mp3, सूरा अल-वाकिया pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए