अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُحَادُّونَ – अर्थात अल्लाह और उसके रसूल की सीमा से बाहर निकलना, उनका विरोध करना, उनके खिलाफ़ मोर्चा खोलना, और उनके आदेशों को न मानना।
- الأَذَلِّينَ – अत्यंत अपमानित, पराजित और ज़लील लोग।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो अल्लाह और उसके रसूल ﷺ का विरोध करते हैं, उनके खिलाफ़ खड़े होते हैं और उनके आदेशों को नहीं मानते। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह तआला स्पष्ट कर देते हैं कि वे उन्हीं लोगों में से हैं जो सबसे ज़्यादा अपमानित और पराजित हैं।
यानी जो लोग अल्लाह की शरीअत की हदों से बाहर निकलते हैं, उसके दीन का मुक़ाबला करते हैं, और रसूल ﷺ की सुन्नत को छोड़कर अपनी मनमानी करते हैं, वे चाहे दुनिया में कितना भी बड़ा दिखावा करें, चाहे उनके पास ताकत और साधन कितने भी हों, अल्लाह की नज़र में वे ज़लील और बेइज़्ज़त हैं। दुनिया में भी उन्हें अपमान का सामना करना पड़ता है और आख़िरत में भी उनकी रुसवाई तय है।
अल्लाह तआला ने इतिहास में ऐसी कई मिसालें पेश की हैं — फ़िरऔन, नमरूद, क़ारून और अन्य ज़ालिम हुक्काम — जिन्होंने अल्लाह के दीन का मुक़ाबला किया, लेकिन अंजाम उनका ज़िल्लत और बर्बादी के सिवा कुछ नहीं था। यह सुन्नत (क़ानून) अल्लाह की ओर से हमेशा के लिए तय है — जो कोई अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करेगा, वह हारेगा और अपमानित होगा।
इस आयत में मोमिनों के लिए एक बड़ी नसीहत है कि वे अल्लाह और उसके रसूल की तरफ़ ही रहें, उनकी बताई हुई हदों का पालन करें। जो इंसान इन हदों पर चलता है, वह इज़्ज़त पाता है, चाहे दुनिया उसे कमज़ोर समझे। और जो इन हदों से बाहर निकलता है, वह ज़िल्लत उठाता है, चाहे दुनिया उसे बड़ा और ताकतवर समझे।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची इज़्ज़त अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में है, और सच्ची ज़िल्लत उसकी नाफ़रमानी में। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी के हर मामले में अल्लाह और उसके रसूल ﷺ को ही सबसे ऊपर रखना चाहिए, और किसी भी इंसानी ताकत या दुनियावी साधन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। अल्लाह हमें उन लोगों में से बनाए जो उसकी हदों पर चलते हैं और उसकी रहमत और इज़्ज़त के हक़दार बनते हैं। आमीन।
📜 आयत 18-22 — अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 20
सूरा अल-मुजादिला आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग ख़ुदा और उसके रसूल से मुख़ालेफ़त करते हैं…सूरा आयत 20/22 — अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुजादिला सुनें, अल-मुजादिला अनुवाद, अल-मुजादिला mp3, अल-मुजादिला pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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