Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- اسْتَحْوَذَ: अर्थात शैतान ने उन पर पूर्ण प्रभुत्व प्राप्त कर लिया, उन्हें अपने वश में कर लिया।
- فَأَنسَاهُمْ: फिर उसने उन्हें भुला दिया।
- ذِكْرَ اللَّهِ: अल्लाह की याद, उसकी आज्ञाओं का पालन और उसकी इबादत।
- حِزْبُ الشَّيْطَانِ: शैतान का दल, उसके अनुयायी और साथी।
- الْخَاسِرُونَ: घाटे में रहने वाले, नुकसान उठाने वाले।
तफसीर:
यह आयत उन लोगों की भयानक स्थिति का वर्णन करती है जो अल्लाह की याद से दूर हो जाते हैं और शैतान के अनुयायी बन जाते हैं। जब कोई व्यक्ति शैतान के बहकावे में आकर उसकी आज्ञा का पालन करता है, तो धीरे-धीरे शैतान उस पर पूरी तरह हावी हो जाता है। वह उसके दिल पर कब्ज़ा कर लेता है और उसे अल्लाह की याद, उसकी नमाज़, उसके ज़िक्र और उसकी आज्ञाओं से पूरी तरह ग़ाफ़िल कर देता है। ऐसा व्यक्ति न तो अल्लाह के आदेशों का पालन करता है और न ही उसकी मनाही से बचता है — वह केवल वही करता है जो अल्लाह को नापसंद है।
ऐसे लोग शैतान के सैनिक और उसके साथी बन जाते हैं। वे उसके हुक्म पर चलते हैं और उसकी राह पर चलते हैं। फिर अल्लाह तआला इस सच्चाई को स्पष्ट करते हैं कि शैतान का दल ही सच्चा घाटे में है — उन्होंने अपने हाथों से अपना सर्वनाश किया। उन्होंने हिदायत के बदले गुमराही, जन्नत के बदले जहन्नम और अनंत सुख के बदले स्थायी यातना खरीद ली। उन्होंने अपने ऊपर वह अज़ाब हमेशा के लिए वाजिब कर लिया जो कभी खत्म नहीं होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हर मुसलमान के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि वह अपने दिल को शैतान के लिए खुला न छोड़े। जो व्यक्ति अल्लाह की याद से दूर रहता है, उसका दिल धीरे-धीरे कठोर हो जाता है और शैतान उसमें अपनी जगह बना लेता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिल को अल्लाह के ज़िक्र से रोशन रखें, नमाज़ की पाबंदी करें, कुरआन की तिलावत करें और अच्छे लोगों की संगत में रहें। याद रखें — जो व्यक्ति अल्लाह का हो जाता है, शैतान उससे दूर भागता है; और जो शैतान का हो जाता है, वह अल्लाह की रहमत से महरूम हो जाता है। आइए हम उन लोगों में से न बनें जो शैतान के दल में शामिल हैं, बल्कि हम अल्लाह के नेक बंदों में से बनें, जिनके लिए जन्नत और अल्लाह की रज़ा तैयार है।
📜 आयत 17-21 — सूरा अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 19
सूरा अल-मुजादिला आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : शैतान ने इन पर क़ाबू पा लिया है और ख़ुदा…सूरा आयत 19/22 — सूरा अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुजादिला सुनें, सूरा अल-मुजादिला अनुवाद, सूरा अल-मुजादिला mp3, सूरा अल-मुजादिला pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुजादिला
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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