Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَتَبَ اللهُ: अल्लाह ने लिख दिया, अर्थात अपने पूर्व ज्ञान और फैसले में तय कर दिया।
- لَأَغْلِبَنَّ: मैं अवश्य प्रभावी रहूँगा और विजयी रहूँगा।
- أَنَا وَرُسُلِي: मैं और मेरे रसूल (पैगंबर)।
- قَوِيٌّ: बहुत ताकतवर, जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता।
- عَزِيزٌ: प्रभुत्वशाली, जो अपने इरादे में अजेय हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने पूर्व ज्ञान और अटल फैसले में यह बात लिख दी है कि वह और उसके रसूल अवश्य विजयी होंगे। यह विजय दो तरह से होती है: एक तो हुज्जत (प्रमाण) और स्पष्ट तर्क से, जिससे सत्य बात सामने आ जाती है और झूठ मिट जाता है, और दूसरी तरफ ताकत और ग़लबा से, जब अल्लाह अपने नबियों और उनके अनुयायियों को दुश्मनों पर फतह देता है। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टूटता नहीं। जो कोई भी अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करता है, उसे अंततः हार का सामना करना पड़ता है, चाहे वह कितना ही ताकतवर क्यों न हो। अल्लाह तआला ने इस आयत के अंत में अपने दो खूबसूरत नामों का जिक्र किया: "क़वी" (ताकतवर) और "अज़ीज़" (प्रभुत्वशाली), ताकि मोमिनों के दिल मजबूत हों और उन्हें यकीन हो कि उनका रब उनके साथ है। वह अपने रसूलों की मदद करने पर पूरी तरह कादिर है, और अपने दुश्मनों से बदला लेने में अजेय है।
दावत और नसीहत:
यह आयत हर मोमिन के लिए एक बेहतरीन खुशखबरी और हौसला है। जब आप देखते हैं कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो याद रखें कि अल्लाह का वादा सच्चा है — आखिरकार सच्चाई ही जीतती है। इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने ईमान पर डटे रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जो लोग अल्लाह की राह में जिहाद करते हैं, चाहे वह ज्ञान के जरिए हो या अमल के जरिए, अल्लाह उन्हें कामयाबी देता है। यह वादा सिर्फ नबियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो अल्लाह के दीन की मदद करता है। अल्लाह ने फरमाया: "अगर तुम अल्लाह की मदद करोगे तो वह तुम्हारी मदद करेगा।" तो आइए, हम अपने जीवन में इस यकीन को मजबूत करें कि अल्लाह की ताकत के आगे कोई ताकत नहीं टिक सकती, और उसकी मदद का वादा कभी झूठा नहीं होता। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है — इस दुनिया में भी और आखिरत में भी।
📜 आयत 19-22 — सूरा अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 21
सूरा अल-मुजादिला आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा ने हुक्म नातिक दे दिया है कि मैं और…सूरा आयत 21/22 — सूरा अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुजादिला सुनें, सूरा अल-मुजादिला अनुवाद, सूरा अल-मुजादिला mp3, सूरा अल-मुजादिला pdf. आयत 19–22. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुजादिला
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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