अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَشْرَحْ صَدْرَهُ: उसका सीना खोल दे, उसके हृदय को विस्तृत कर दे।
- حَرَجًا: अत्यधिक संकीर्ण, जिसमें कोई जगह ही न हो।
- يَصَّعَّدُ: ऊपर चढ़ने की कोशिश करना।
- الرِّجْسَ: गंदगी, अपवित्रता, यहाँ अर्थ है यातना और अपमान।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में ईमान और कुफ्र की हकीकत को बयान करते हुए फरमाता है कि जिस व्यक्ति के लिए अल्लाह ने हिदायत (मार्गदर्शन) का इरादा किया, उसका सीना इस्लाम के लिए खोल देता है। यानी उसके दिल को रोशन कर देता है और उसमें ईमान की गुंजाइश पैदा कर देता है, जिससे वह तौहीद और ईमान को आसानी से कबूल कर लेता है। उसका दिल सच्चाई के लिए खुल जाता है और वह अल्लाह की इबादत में मीठास महसूस करता है।
इसके विपरीत, जिसे अल्लाह गुमराही में छोड़ना चाहता है, उसका सीना इतना संकीर्ण और तंग कर देता है कि हक़ की कोई बात उसके दिल में दाखिल नहीं हो पाती। उसकी यह हालत ऐसे व्यक्ति जैसी होती है जो आसमान की ऊंचाइयों पर चढ़ने की कोशिश कर रहा हो — जैसे-जैसे वह ऊपर जाता है, सांस लेना मुश्किल होता जाता है और उसका सीना दबने लगता है। ठीक उसी तरह काफिर का दिल हक़ को कबूल करने से इतना तंग हो जाता है कि ईमान उसमें दाखिल ही नहीं हो पाता।
फिर अल्लाह फरमाता है कि जिस तरह वह काफिरों के दिलों को तंग करता है, उसी तरह वह उन लोगों पर यातना और अपमान नाज़िल करता है जो ईमान नहीं लाते। यह अल्लाह की सुन्नत (कानून) है कि जो हक़ से मुंह मोड़ता है, उसे वह उसी की हालत पर छोड़ देता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि ईमान अल्लाह की देन है और हिदायत उसी के हाथ में है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह से दुआ करें कि वह हमारे सीने को इस्लाम के लिए खोल दे और हमें सच्चे दिल से ईमान की नेमत अता फरमाए। जो व्यक्ति अल्लाह की तरफ आता है, अल्लाह उसके दिल में रौशनी डालता है और उसे सुकून व इत्मिनान अता करता है। यही सबसे बड़ी कामयाबी है। आइए हम अपने दिलों को अल्लाह की याद और उसकी इबादत के लिए खोलें, क्योंकि जिस दिल में ईमान की रौशनी होती है, वह दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाब होता है।
📜 आयत 123-127 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 125
सूरा अल-अनआम आयत 125 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा जिस शख़्श को राह रास्त दिखाना चाहता है…सूरा आयत 125/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 123–127. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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