अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظَاهَرُوا: उन्होंने सहायता की, मदद की।
- أَن تَوَلَّوْهُمْ: कि तुम उनसे मोहब्बत और दोस्ती रखो, उन्हें अपना संरक्षक बनाओ।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में स्पष्ट कर रहे हैं कि उसका निषेध (रोक) उन लोगों से मोहब्बत और दोस्ती रखने पर है, जिन्होंने तुमसे दीन के मामले में लड़ाई की, यानी तुम्हारे ईमान और इस्लाम की वजह से तुमसे जंग की। उन्होंने तुम्हें तुम्हारे घरों से निकाला और दूसरे काफिरों को भी तुम्हारे निष्कासन में सहायता दी। अल्लाह तुम्हें ऐसे लोगों से मोहब्बत और वफादारी रखने से रोकता है।
जो व्यक्ति ऐसे दुश्मनों से दोस्ती और मोहब्बत रखेगा, वह अपने ऊपर अत्याचार करेगा, क्योंकि वह अल्लाह के आदेश की अवहेलना करके अपने आप को विनाश के रास्ते पर डाल रहा है। ये लोग ही सच्चे ज़ालिम हैं, क्योंकि उन्होंने वफादारी को गलत जगह रखा — जो दुश्मन थे, उन्हें दोस्त बना लिया और जो अल्लाह के आदेश थे, उन्हें छोड़ दिया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में मोहब्बत और नफरत की बुनियाद ईमान और अल्लाह की रज़ा पर होनी चाहिए। अल्लाह ने हमें दुश्मनों से सख्ती और दोस्तों से नरमी का रास्ता दिखाया है। जो लोग हमारे दीन के दुश्मन हैं और हमें नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं, उनसे दोस्ती रखना न सिर्फ अल्लाह की नाराज़गी का कारण है, बल्कि हमारे ईमान की कमज़ोरी को भी दर्शाता है। इस आयत में अल्लाह हमें यह भी बताता है कि सच्चा मुसलमान वही है जो अल्लाह की राह में दोस्त और दुश्मन की पहचान करे। यह हमारे लिए एक इम्तिहान है — क्या हम दुनियावी मोहब्बत को अल्लाह की मोहब्बत पर तरजीह देते हैं या अल्लाह की रज़ा को? जो लोग अल्लाह की राह में दुश्मनों से बचते हैं और ईमान वालों से मोहब्बत रखते हैं, उनके लिए अल्लाह की तरफ से बड़ा इनाम है। याद रखें, अल्लाह की मोहब्बत और उसकी रज़ा ही हमारी सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 7-11 — अल-मुमतहिना
अनुवाद — अल-मुमतहिना 9
सूरा अल-मुमतहिना आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा तो बस उन लोगों के साथ दोस्ती करने से…सूरा आयत 9/13 — अल-मुमतहिना الممتحنة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुमतहिना सुनें, अल-मुमतहिना अनुवाद, अल-मुमतहिना mp3, अल-मुमतहिना pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








