Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِالسِّنِينَ: यहाँ इसका अर्थ है सूखा और अकाल के वर्ष, यानी क़हत और अनावृष्टि के दौर।
- نَقْصٍ مِّنَ الثَّمَرَاتِ: फलों और खेती की पैदावार में कमी और घटाव।
- لَعَلَّهُمْ يَذَّكَّرُونَ: ताकि वे सीख लें, नसीहत हासिल करें और अपनी ग़लतियों से बाज़ आएँ।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम को उनके कुफ़्र और ज़ुल्म के बाद सज़ा के तौर पर सख़्त अकाल और क़हत में मुब्तला किया। उनके इलाक़े में बारिश बंद कर दी गई, खेती बर्बाद हो गई और फलों की पैदावार में भारी कमी आई। यह सज़ा और आज़माइश इसलिए थी ताकि उनके दिल नरम हों, वे अपनी ग़लतियों पर ग़ौर करें, अपने कुफ़्र और सरकशी से तौबा करें और अल्लाह की तरफ़ रुजू करें। यह अज़ाब उनके लिए एक चेतावनी और याद दिलाने का ज़रिया था, क्योंकि मुसीबतें और तकलीफ़ें इंसान के दिल को नरम करती हैं और उसे अपने रब की तरफ़ लौटने पर मजबूर करती हैं। अल्लाह ने यह सब उनके भले के लिए किया, ताकि वे हिदायत पा लें, लेकिन उनमें से अधिकतर ने इन निशानियों से सबक़ नहीं लिया।
फ़ायदे और सबक़:
- अल्लाह तआला अपने बंदों पर मेहरबान है और उन्हें सज़ा देकर भी उनकी भलाई चाहता है, ताकि वे सीधे रास्ते पर आ जाएँ।
- मुसीबतें और तकलीफ़ें इंसान के लिए नसीहत और याद दिलाने का ज़रिया होती हैं, इसलिए हर मुसीबत में इंसान को अपने रब की तरफ़ रुजू करना चाहिए।
- अल्लाह की पकड़ बहुत सख़्त है, और वह ज़ालिमों को उनके किए की सज़ा ज़रूर देता है, चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों।
- यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम पर कोई मुसीबत आए, तो हमें अपने गुनाहों की तरफ़ देखना चाहिए और तौबा करना चाहिए, क्योंकि यह अल्लाह की तरफ़ से एक इशारा हो सकता है।
- अल्लाह का दीन हक़ है, और वह अपने नबियों की मदद करता है, जैसे उसने मूसा (अलैहिस्सलाम) की मदद की और फ़िरऔन को उसकी सरकशी की सज़ा दी।
📜 आयत 128-132 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 130
सूरा अल-आराफ आयत 130 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बेशक हमने फिरऔन के लोगों को बरसों से कहत…सूरा आयत 130/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 128–132. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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