Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتَّبِعُوا – पालन करो, अनुसरण करो
- أُنزِلَ إِلَيْكُم – जो तुम्हारी ओर उतारा गया
- مِن رَّبِّكُمْ – तुम्हारे पालनहार की ओर से
- وَلَا تَتَّبِعُوا – और अनुसरण मत करो
- مِن دُونِهِ – उस (अल्लाह) के अलावा
- أَوْلِيَاءَ – मित्र, संरक्षक, सहायक
- قَلِيلًا مَّا تَذَكَّرُونَ – तुम बहुत कम शिक्षा ग्रहण करते हो / नसीहत हासिल करते हो
विस्तृत तफसीर:
ऐ लोगों! तुम्हारे रब की ओर से जो कुछ तुम्हारे पास उतारा गया है—अर्थात यह कुरआन और रसूल ﷺ की सुन्नत—उसी का पालन करो। यही तुम्हारी भलाई और सफलता का रास्ता है। इस वही (प्रकाशना) में तुम्हारे लिए हिदायत, रहमत और नूर है। यह तुम्हारे रब की तरफ से भेजा गया है, जो तुम्हारा सबसे बड़ा हितैषी है, जो तुम्हें सबसे अधिक जानता है और तुम पर सबसे अधिक दयालु है। उसकी हर बात में भलाई है, उसका हर हुक्म तुम्हारे लिए बेहतरीन है।
लेकिन अल्लाह के अलावा दूसरों को अपना मित्र, संरक्षक और सहायक मत बनाओ—चाहे वे शैतान हों, या गुमराह करने वाले विद्वान, या कोई और जो तुम्हें अल्लाह की राह से भटकाना चाहते हों। ऐसे लोगों की बात मानकर अल्लाह के हुक्मों को छोड़ देना, यह सबसे बड़ी भूल है। याद रखो, ये तथाकथित मित्र तुम्हें कभी भलाई की ओर नहीं ले जा सकते, बल्कि वे तुम्हें अल्लाह की नाराज़गी और विनाश की ओर ले जाते हैं।
अफसोस की बात है कि तुम बहुत कम सीखते और नसीहत हासिल करते हो। अगर तुम गहराई से सोचो और अपने दिल की आँखों से देखो, तो तुम समझ जाओगे कि अल्लाह का मार्ग ही सच्चा मार्ग है। जो कुछ अल्लाह ने उतारा है, उसी में तुम्हारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई की याद दिलाती है—हमारी कामयाबी सिर्फ अल्लाह के हुक्मों पर चलने में है। जब हम कुरआन और सुन्नत को अपनाते हैं, तो हमारा जीवन रोशन हो जाता है, हमारे दिलों को सुकून मिलता है और हमारी आख़िरत संवर जाती है। इसके विपरीत, जो लोग अल्लाह के अलावा दूसरों को अपना सहारा बनाते हैं, वे कभी सच्ची शांति नहीं पा सकते।
याद रखिए, अल्लाह ने हमें कुरआन इसलिए भेजा ताकि हम उसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यह हमारे लिए रहमत है, हमारे लिए शिफा (इलाज) है। जो इसे अपनाता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। आइए, हम सब इस आयत पर अमल करें, अल्लाह की किताब को अपना रहनुमा बनाएं और अपने जीवन को उसके अनुसार ढालें। यही हमारी सच्ची भलाई है, यही हमारी सच्ची कामयाबी है। अल्लाह हम सबको इसकी तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 3
सूरा अल-आराफ आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम्हारे दिल में उसकी वजह से कोई न तंगी पैदा…सूरा आयत 3/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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