अल-मआरिज · 7/44
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मआरिज
وَنَرَاهُ قَرِيبًا ۝٧
Wa naraahu qareebaa
📖 हिंदी अर्थ
और हमारी नज़र में नज़दीक है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • नराहु = और हम उसे देखते हैं
  • क़रीबन = निकट, पास

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि काफ़िर लोग उस अज़ाब (यानी क़यामत के दिन के अज़ाब) को दूर समझते हैं और उसके आने को नामुमकिन ठहराते हैं, लेकिन अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हम उसे क़रीब देखते हैं। यानी जो चीज़ आने वाली हो, वह क़रीब ही है। अल्लाह के नज़दीक हर आने वाली चीज़ क़रीब है, चाहे इंसान उसे कितना ही दूर क्यों न समझे।

यह आयत मोमिनीन के लिए बशारत और काफ़िरों के लिए ख़तरे की घंटी है। अल्लाह तआला बता रहा है कि उसका वादा सच्चा है और उसका अज़ाब ज़रूर आने वाला है। दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ की है, और आख़िरत हमेशा रहने वाली है। जिस दिन वह अज़ाब आएगा, उस दिन कोई उसे टाल नहीं सकेगा।

इसलिए ऐ इंसान! तू अल्लाह के अज़ाब को दूर समझकर ग़ाफ़िल न हो जा। अल्लाह की रहमत और उसके अज़ाब दोनों क़रीब हैं। जो शख्स तौबा करके अल्लाह की तरफ़ रुजू करे, उसके लिए अल्लाह की रहमत क़रीब है, और जो सरकशी और नाफ़रमानी पर अड़ा रहे, उसके लिए अज़ाब क़रीब है। अल्लाह तआला क़ुरआन में फ़रमाता है: "अल्लाह का फ़ैसला आ ही जाता है, तो तुम उसकी जल्दी न करो" (सूरह अन-नहल: 1)।

याद रखो, दुनिया की ज़िंदगी एक मंज़िल है, और आख़िरत हमारी असली मंज़िल। जो शख्स इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करेगा और उसके हुक्मों पर चलेगा, उसके लिए जन्नत क़रीब है। और जो अल्लाह की नाफ़रमानी करेगा, उसके लिए जहन्नम क़रीब है। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 5-9 — सूरा अल-मआरिज

5فَاصْبِرْ صَبْرًا جَمِيلًا
तो तुम अच्छी तरह इन तक़लीफों को बरदाश्त करते रहो
6إِنَّهُمْ يَرَوْنَهُ بَعِيدًا
वह (क़यामत) उनकी निगाह में बहुत दूर है
7وَنَرَاهُ قَرِيبًا
और हमारी नज़र में नज़दीक है
8يَوْمَ تَكُونُ السَّمَاءُ كَالْمُهْلِ
जिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा
9وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ
और पहाड़ धुनके हुए ऊन का सा
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7आयत

अनुवाद — अल-मआरिज 7

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सूरा आयत 7/44 — सूरा अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मआरिज सुनें, सूरा अल-मआरिज अनुवाद, सूरा अल-मआरिज mp3, सूरा अल-मआरिज pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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