अल-मआरिज · 8/44
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मआरिज
يَوْمَ تَكُونُ السَّمَاءُ كَالْمُهْلِ ۝٨
Yawma takoonus samaaa`u kalmuhl
📖 हिंदी अर्थ
जिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अल-मुह्ल (المهل): इसका अर्थ है पिघला हुआ ताँबा, सोना या चाँदी जैसी धातुएँ, या फिर तेल की तलछट (जो तेल के बर्तन के तल में जमा होती है)। यह वह चीज़ है जो आग में पिघलकर बहने लगती है।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब यह विशाल और मज़बूत आकाश, जो इतने बड़े-बड़े सितारों और ग्रहों को समेटे हुए है, उस दिन की दहशत और अल्लाह की क़ुदरत के सामने पूरी तरह बेबस हो जाएगा। उस दिन यह ठोस और मज़बूत आसमान पिघली हुई धातु की तरह बहने लगेगा, जैसे ताँबा या सोना आग में पिघलकर पानी की तरह बहता है। या फिर यह तेल की तलछट जैसा हो जाएगा जो बिल्कुल गाढ़ा और काला होता है। यह उस दिन की भयावहता और अल्लाह की महान शक्ति का प्रमाण है कि जिस आकाश को हम इतना ऊँचा, मज़बूत और स्थिर देखते हैं, वह उस दिन पिघलकर बहने लगेगा।

यह वर्णन हमें उस दिन की गंभीरता से सचेत करता है। जब आकाश ही इस हालत में होगा, तो इंसान की क्या स्थिति होगी? यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम उस दिन के लिए तैयारी करें। यह दिन उन लोगों के लिए बहुत कठिन होगा जिन्होंने अल्लाह की नाफ़रमानी की और उसके रसूलों को झुठलाया। लेकिन जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, उनके लिए यह दिन खुशी और सफलता का दिन होगा।

अल्लाह तआला हमें उस दिन के अज़ाब से बचाए और हमें उन बंदों में शामिल करे जो उस दिन सुरक्षित होंगे। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि इस दुनिया की चीज़ें कितनी भी मज़बूत और स्थायी क्यों न लगें, वे सब फ़ना होने वाली हैं और केवल अल्लाह का चेहरा ही बाक़ी रहेगा। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएँ और उस दिन के लिए अच्छे कर्मों का ज़ख़ीरा इकट्ठा करें।



📜 आयत 6-10 — सूरा अल-मआरिज

6إِنَّهُمْ يَرَوْنَهُ بَعِيدًا
वह (क़यामत) उनकी निगाह में बहुत दूर है
7وَنَرَاهُ قَرِيبًا
और हमारी नज़र में नज़दीक है
8يَوْمَ تَكُونُ السَّمَاءُ كَالْمُهْلِ
जिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा
9وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ
और पहाड़ धुनके हुए ऊन का सा
10وَلَا يَسْأَلُ حَمِيمٌ حَمِيمًا
बावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे
अल-मआरिजकुरान सूची
44आयत
मक्कीअवतरण स्थान
8आयत

अनुवाद — अल-मआरिज 8

सूरा अल-मआरिज आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा

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Monday, September 28, 2026

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