अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِنَّهُمْ — निस्संदेह वे (काफ़िर लोग)
- يَرَوْنَهُ — वे इसे देखते हैं (अर्थात इसे समझते और मानते हैं)
- بَعِيدًا — दूर (अर्थात असंभव और घटित न होने वाला)
तफ़सीर:
यह आयत उन काफ़िरों की मानसिकता को उजागर करती है जो अल्लाह के अज़ाब और क़ियामत के दिन को दूर की बात समझते हैं। वे इस अंजाम को असंभव मानते हैं और उनका दिल इसकी सच्चाई को स्वीकार करने से इनकार करता है। उनकी यह सोच उनके अहंकार और अल्लाह की क़ुदरत को न समझने का नतीजा है। वे भूल जाते हैं कि अल्लाह के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है — जिसने पहली बार पैदा किया, वही दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।
जबकि मोमिनीन और अल्लाह के नज़दीक यह अज़ाब बिल्कुल क़रीब है — हर लम्हा उसके घटित होने का इंतज़ार है। अल्लाह तआला ने इस आयत में मोमिनीन को तसल्ली दी है कि काफ़िरों का यह अनुमान ग़लत है; सच्चाई यह है कि अल्लाह का वादा अटल है और उसका अज़ाब ज़रूर आने वाला है, चाहे वे इसे कितना ही दूर क्यों न समझें।
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि इंसान को अल्लाह की ताक़त पर भरोसा रखना चाहिए और उसके वादों को सच मानना चाहिए। जो लोग अल्लाह के अज़ाब को दूर समझते हैं, वही लोग अक्सर गुनाहों में डूबे रहते हैं। लेकिन जो दिल अल्लाह के सामने झुक जाता है और उसकी चेतावनियों को गंभीरता से लेता है, वही दिल हिदायत पाता है और सीधे रास्ते पर चलता है। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसके वादों पर यक़ीन रखते हैं और उसके अज़ाब से डरते हैं। आमीन।
📜 आयत 4-8 — अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 6
सूरा अल-मआरिज आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह (क़यामत) उनकी निगाह में बहुत दूर हैसूरा आयत 6/44 — अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मआरिज सुनें, अल-मआरिज अनुवाद, अल-मआरिज mp3, अल-मआरिज pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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