अल-मुद्दस्सिर · 17/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
سَأُرْهِقُهُ صَعُودًا ۝١٧
Sa urhiquhoo sa`oodaa
📖 हिंदी अर्थ
तो मैं अनक़रीब उस सख्त अज़ाब में मुब्तिला करूँगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَأُرْهِقُهُ: मैं उसे कष्ट दूँगा, उस पर सख्ती करूँगा, उसे थका दूँगा।
  • صَعُودًا: चढ़ाई, ऊपर चढ़ने की कठिन घाटी, अत्यंत कठिन और दुर्भेद्य पहाड़ी रास्ता। यहाँ इसका अर्थ है ऐसा कष्ट जिसमें कोई आराम न हो, हर पल तकलीफ़ ही तकलीफ़ हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उस सरकश और हठीले इंसान (वलीद बिन मुग़ीरा) के बारे में बता रहे हैं, जिसे अल्लाह ने अकेला पैदा किया, फिर उसे खूब माल और हमेशा साथ रहने वाली औलाद दी, और उसकी ज़िंदगी के सारे साधन आसान कर दिए। लेकिन उसने इन सब नेअमतों के बावजूद अल्लाह की नेअमतों का शुक्र अदा नहीं किया, बल्कि उल्टा उसने क़ुरआन और हक़ का विरोध किया और उसे झुठलाया।

जब उसने यह हद से बढ़ने वाली ज़्यादती की, तो अल्लाह तआला ने फ़रमाया: "मैं उसे जल्द ही सख्त कष्ट में डाल दूँगा।" यानी उसे ऐसी सज़ा दूँगा जो बेहद कठिन हो, जैसे किसी को सीधी और ऊँची चट्टान पर चढ़ाया जाए जहाँ हर क़दम पर थकान और तकलीफ़ हो, और नीचे उतरने का कोई रास्ता न हो। यह उसके उस घमंड और अकड़ का बदला है जो उसने हक़ के सामने दिखाई।

यह सिर्फ़ वलीद बिन मुग़ीरा के लिए नहीं है, बल्कि हर उस इंसान के लिए चेतावनी है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाता है और हक़ से मुँह मोड़ता है। अल्लाह तआला की सज़ा से बचने का एक ही रास्ता है — उसकी तरफ़ लौटना, उसके दीन को क़बूल करना और उसके रसूल ﷺ की पैरवी करना। याद रखिए, दुनिया की ये नेअमतें और ताक़त किसी को अल्लाह की पकड़ से नहीं बचा सकतीं। जो आज हक़ के सामने अकड़ता है, उसे कल उसी अकड़ की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। अल्लाह तआला से दुआ है कि वह हमें हक़ को क़बूल करने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे।



📜 आयत 15-19 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

15ثُمَّ يَطْمَعُ أَنْ أَزِيدَ
फिर उस पर भी वह तमाअ रखता है कि मैं और बढ़ाऊँ
16كَلَّا ۖ إِنَّهُ كَانَ لِآيَاتِنَا عَنِيدًا
ये हरगिज़ न होगा ये तो मेरी आयतों का दुश्मन था
17سَأُرْهِقُهُ صَعُودًا
तो मैं अनक़रीब उस सख्त अज़ाब में मुब्तिला करूँगा
18إِنَّهُ فَكَّرَ وَقَدَّرَ
उसने फिक्र की और ये तजवीज़ की
19فَقُتِلَ كَيْفَ قَدَّرَ
तो ये (कम्बख्त) मार डाला जाए
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीअवतरण स्थान
17आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 17

सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो मैं अनक़रीब उस सख्त अज़ाब में मुब्तिला करूँगा

सूरा आयत 17/56 — सूरा अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुद्दस्सिर सुनें, सूरा अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, सूरा अल-मुद्दस्सिर mp3, सूरा अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए