अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَأُرْهِقُهُ: मैं उसे कष्ट दूँगा, उस पर सख्ती करूँगा, उसे थका दूँगा।
- صَعُودًا: चढ़ाई, ऊपर चढ़ने की कठिन घाटी, अत्यंत कठिन और दुर्भेद्य पहाड़ी रास्ता। यहाँ इसका अर्थ है ऐसा कष्ट जिसमें कोई आराम न हो, हर पल तकलीफ़ ही तकलीफ़ हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उस सरकश और हठीले इंसान (वलीद बिन मुग़ीरा) के बारे में बता रहे हैं, जिसे अल्लाह ने अकेला पैदा किया, फिर उसे खूब माल और हमेशा साथ रहने वाली औलाद दी, और उसकी ज़िंदगी के सारे साधन आसान कर दिए। लेकिन उसने इन सब नेअमतों के बावजूद अल्लाह की नेअमतों का शुक्र अदा नहीं किया, बल्कि उल्टा उसने क़ुरआन और हक़ का विरोध किया और उसे झुठलाया।
जब उसने यह हद से बढ़ने वाली ज़्यादती की, तो अल्लाह तआला ने फ़रमाया: "मैं उसे जल्द ही सख्त कष्ट में डाल दूँगा।" यानी उसे ऐसी सज़ा दूँगा जो बेहद कठिन हो, जैसे किसी को सीधी और ऊँची चट्टान पर चढ़ाया जाए जहाँ हर क़दम पर थकान और तकलीफ़ हो, और नीचे उतरने का कोई रास्ता न हो। यह उसके उस घमंड और अकड़ का बदला है जो उसने हक़ के सामने दिखाई।
यह सिर्फ़ वलीद बिन मुग़ीरा के लिए नहीं है, बल्कि हर उस इंसान के लिए चेतावनी है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाता है और हक़ से मुँह मोड़ता है। अल्लाह तआला की सज़ा से बचने का एक ही रास्ता है — उसकी तरफ़ लौटना, उसके दीन को क़बूल करना और उसके रसूल ﷺ की पैरवी करना। याद रखिए, दुनिया की ये नेअमतें और ताक़त किसी को अल्लाह की पकड़ से नहीं बचा सकतीं। जो आज हक़ के सामने अकड़ता है, उसे कल उसी अकड़ की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। अल्लाह तआला से दुआ है कि वह हमें हक़ को क़बूल करने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे।
📜 आयत 15-19 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 17
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो मैं अनक़रीब उस सख्त अज़ाब में मुब्तिला करूँगासूरा आयत 17/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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