अल-क़ियामा · 19/40
अनुवाद उच्चारण — अल-क़ियामा
ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا بَيَانَهُ ۝١٩
Summa inna `alainaa bayaanah
📖 हिंदी अर्थ
फिर उस (के मुश्किलात का समझा देना भी हमारे ज़िम्में है)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • बयानहु: इसका अर्थ है स्पष्ट करना, समझाना और खोलकर बताना।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाते हैं कि हे नबी! जब वही (क़ुरआन) उतरती है, तो आप जल्दबाज़ी में उसे याद करने के लिए अपनी ज़ुबान को हिलाने की कोशिश न करें। यह बात पिछली आयत में भी बताई गई थी, और अब इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाते हैं: "फिर उसका बयान (समझाना) भी हमारे ही ज़िम्मे है।"

यानी क़ुरआन को आपके सीने में जमा करना, उसे आपकी ज़ुबान पर जारी करना, और उसके मायने और अहकाम (आदेशों) को आपको समझाना — यह सब कुछ अल्लाह तआला ने अपने ऊपर लाज़िम कर लिया है। जब अल्लाह ने यह ज़िम्मा ले लिया है, तो आपको किसी भी बात की चिंता करने की ज़रूरत नहीं। आप पर सिर्फ़ यह है कि वही उतरते समय ख़ामोशी से सुनें, और अल्लाह तआला ख़ुद उसे आपके दिल में महफ़ूज़ कर देगा, आपकी ज़ुबान पर जारी कर देगा, और उसके मतलब और मुराद को आप पर वाज़ेह कर देगा।

यह अल्लाह तआला की अपने नबी ﷺ के साथ बेहद शफ़्क़त और मेहरबानी है कि उन्होंने क़ुरआन के हिफ़्ज़ और बयान की ज़िम्मेदारी ख़ुद ली, ताकि नबी ﷺ का दिल मुत्मइन रहे और वह पूरे इत्मिनान से अल्लाह के पैग़ाम को लोगों तक पहुँचाएँ।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों के साथ बेहद रहीम और करीम है। जब वह किसी काम का हुक्म देता है, तो उसकी तौफ़ीक़ और सहूलत का ज़रिया भी वही पैदा करता है। हमें भी चाहिए कि अल्लाह के कलाम (क़ुरआन) को सीखने, समझने और उस पर अमल करने में कोई कसर न छोड़ें, क्योंकि अल्लाह ने उसे समझने का वादा ख़ुद किया है। जो शख्स क़ुरआन को सीखता है और उस पर अमल करता है, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत में कामयाबी अता फ़रमाता है। क़ुरआन हमारे लिए रहनुमा है, और उसकी तालीमात पर चलना ही हमारी भलाई है।

🎧 सुनें

📜 आयत 17-21 — अल-क़ियामा

17إِنَّ عَلَيْنَا جَمْعَهُ وَقُرْآنَهُ
उसका जमा कर देना और पढ़वा देना तो यक़ीनी हमारे ज़िम्मे है
18فَإِذَا قَرَأْنَاهُ فَاتَّبِعْ قُرْآنَهُ
तो जब हम उसको (जिबरील की ज़बानी) पढ़ें तो तुम भी (पूरा) सुनने के बाद इसी तरह पढ़ा करो
19ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا بَيَانَهُ
फिर उस (के मुश्किलात का समझा देना भी हमारे ज़िम्में है)
20كَلَّا بَلْ تُحِبُّونَ الْعَاجِلَةَ
मगर (लोगों) हक़ तो ये है कि तुम लोग दुनिया को दोस्त रखते हो
21وَتَذَرُونَ الْآخِرَةَ
और आख़ेरत को छोड़े बैठे हो
अल-क़ियामाकुरान सूची
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अनुवाद — अल-क़ियामा 19

सूरा अल-क़ियामा आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उस (के मुश्किलात का समझा देना भी हमारे ज़िम्में…

सूरा आयत 19/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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