अल-क़ियामा · 6/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ियामा
يَسْأَلُ أَيَّانَ يَوْمُ الْقِيَامَةِ ۝٦
Yas`alu ayyyaana yawmul qiyaamah
📖 हिंदी अर्थ
पूछता है कि क़यामत का दिन कब होगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَسْأَلُ (पूछता है) — यहाँ प्रश्न उपहास और इनकार के रूप में है।
  • أَيَّانَ (कब) — समय पूछने के लिए।
  • يَوْمُ الْقِيَامَةِ (क़ियामत का दिन) — वह दिन जब सब लोग मरने के बाद जीवित किए जाएँगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस इनकार करने वाले इंसान का हाल बयान करती है जो क़ियामत के दिन को नहीं मानता। वह मज़ाक़ और उपहास के अंदाज़ में पूछता है: "क़ियामत का दिन कब आएगा?" — जैसे वह इसे असंभव समझता हो। यह सवाल किसी सच्चाई को जानने के लिए नहीं, बल्कि उसे झुठलाने और उसका मज़ाक उड़ाने के लिए होता है। ऐसा इंसान अपनी बुराइयों में डूबा रहता है और यही चाहता है कि वह हमेशा अपनी मनमानी करता रहे, इसलिए वह क़ियामत के दिन को दूर और असंभव समझता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि क़ियामत का दिन निश्चित रूप से आने वाला है, चाहे इंसान उसे कितना भी दूर या असंभव समझे। जो लोग इस दिन को झुठलाते हैं, वे सिर्फ़ अपने आप को धोखा देते हैं। अल्लाह ने हमें इस दिन पर ईमान लाने की ताकीद की है ताकि हम अपने कर्मों को सुधारें और उस दिन की तैयारी करें जब हर इंसान को अपने अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देना होगा। यह दिन उतना ही सच है जितना कि हमारा आज का जीवन सच है। अल्लाह की रहमत और इंसाफ़ का यह दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर अच्छा काम और हर बुरा काम सामने रख दिया जाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दिन पर पक्का ईमान रखें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि उस दिन हम कामयाब हो सकें।



📜 आयत 4-8 — सूरा अल-क़ियामा

4بَلَىٰ قَادِرِينَ عَلَىٰ أَن نُّسَوِّيَ بَنَانَهُ
हम इस पर क़ादिर हैं कि हम उसकी पोर पोर दुरूस्त करें
5بَلْ يُرِيدُ الْإِنسَانُ لِيَفْجُرَ أَمَامَهُ
मगर इन्सान तो ये जानता है कि अपने आगे भी (हमेशा) बुराई करता जाए
6يَسْأَلُ أَيَّانَ يَوْمُ الْقِيَامَةِ
पूछता है कि क़यामत का दिन कब होगा
7فَإِذَا بَرِقَ الْبَصَرُ
तो जब ऑंखे चकाचौन्ध में आ जाएँगी
8وَخَسَفَ الْقَمَرُ
और चाँद गहन में लग जाएगा
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 6

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Monday, September 28, 2026

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