अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْأَلُ (पूछता है) — यहाँ प्रश्न उपहास और इनकार के रूप में है।
- أَيَّانَ (कब) — समय पूछने के लिए।
- يَوْمُ الْقِيَامَةِ (क़ियामत का दिन) — वह दिन जब सब लोग मरने के बाद जीवित किए जाएँगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस इनकार करने वाले इंसान का हाल बयान करती है जो क़ियामत के दिन को नहीं मानता। वह मज़ाक़ और उपहास के अंदाज़ में पूछता है: "क़ियामत का दिन कब आएगा?" — जैसे वह इसे असंभव समझता हो। यह सवाल किसी सच्चाई को जानने के लिए नहीं, बल्कि उसे झुठलाने और उसका मज़ाक उड़ाने के लिए होता है। ऐसा इंसान अपनी बुराइयों में डूबा रहता है और यही चाहता है कि वह हमेशा अपनी मनमानी करता रहे, इसलिए वह क़ियामत के दिन को दूर और असंभव समझता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि क़ियामत का दिन निश्चित रूप से आने वाला है, चाहे इंसान उसे कितना भी दूर या असंभव समझे। जो लोग इस दिन को झुठलाते हैं, वे सिर्फ़ अपने आप को धोखा देते हैं। अल्लाह ने हमें इस दिन पर ईमान लाने की ताकीद की है ताकि हम अपने कर्मों को सुधारें और उस दिन की तैयारी करें जब हर इंसान को अपने अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देना होगा। यह दिन उतना ही सच है जितना कि हमारा आज का जीवन सच है। अल्लाह की रहमत और इंसाफ़ का यह दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर अच्छा काम और हर बुरा काम सामने रख दिया जाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दिन पर पक्का ईमान रखें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि उस दिन हम कामयाब हो सकें।
📜 आयत 4-8 — अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 6
सूरा अल-क़ियामा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पूछता है कि क़यामत का दिन कब होगासूरा आयत 6/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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