अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُتَّكِئِينَ: तकिया लगाए हुए, आराम से बैठे हुए।
- الْأَرَائِكِ: सिंहासन या ऊँची शय्याएँ जो सुंदर कपड़ों और पर्दों से सजी हों।
- زَمْهَرِيرًا: अत्यधिक ठंड, कड़ाके की सर्दी।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनों के उस सुखदायी प्रतिफल का वर्णन कर रही है जो अल्लाह की राह में सब्र करते हैं और उसकी आज्ञाओं का पालन करते हैं। अल्लाह तआला ने उन्हें जन्नत की उन ऊँची और सजी-सजाई शय्याओं (अराइक) पर तकिया लगाकर आराम करने का सम्मान दिया है, जहाँ वे पूर्ण सुख और शांति का अनुभव करेंगे।
इस जन्नत में उन्हें न तो सूरज की तपती धूप का सामना करना पड़ेगा जो उन्हें तकलीफ़ दे, और न ही कड़ाके की ठंड (ज़म्हरीर) जो उन्हें परेशान करे। यानी वहाँ का वातावरण हमेशा मध्यम और आदर्श होगा—न अधिक गर्मी, न अधिक सर्दी। यह उस दिन की भयावह गर्मी और कठोरता के बिल्कुल विपरीत है, जब सभी लोग अपने कर्मों के हिसाब से परेशान होंगे, लेकिन ये नेक लोग अल्लाह की रहमत से उस सब से सुरक्षित रहेंगे।
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की मुश्किलें और कष्ट अस्थायी हैं। जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा रखता है और सब्र के साथ नेक कर्म करता है, उसके लिए अल्लाह ने ऐसा स्थायी सुख तैयार किया है जिसकी कोई कमी नहीं। यहाँ की गर्मी और सर्दी, दर्द और परेशानी—सब कुछ उस आरामगाह की नेमतों के सामने फीका है।
आओ, हम इस आयत से सबक लें कि हम अपने जीवन में सब्र और शुक्र को अपनाएँ। अल्लाह ने जो भी हालात दिए हैं, उनमें उसकी रज़ा पर संतोष करें। याद रखें, जन्नत की यह शांति और आराम उन्हीं को मिलेगा जो दुनिया में अल्लाह की इबादत और उसके दीन की खातिर मुश्किलें सहन करते हैं। यह वादा सच्चा है, और अल्लाह अपने वादे को पूरा करने वाला है। क्या ही अच्छा हो कि हम अपनी ज़िंदगी को इसी लक्ष्य के लिए समर्पित कर दें—ताकि उस दिन हम भी उन्हीं खुशनसीबों में शामिल हों, जो हर तरह की तकलीफ़ से मुक्त होकर हमेशा के लिए अल्लाह की रहमत में आराम करेंगे।
📜 आयत 11-15 — अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 13
सूरा अल-इंसान आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वहाँ वह तख्तों पर तकिए लगाए (बैठे) होंगे न वहाँ…सूरा आयत 13/31 — अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इंसान सुनें, अल-इंसान अनुवाद, अल-इंसान mp3, अल-इंसान pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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